सनातन संस्कारों और भारतीय दर्शन की जानकारी देने के लिए गाजियाबाद में लगेगा चार दिवसीय अनोखा मेला

गाजियाबाद। नई पीढ़ी को भारतीय दर्शन और सनातन संस्कारों की जानकारी देने और हिन्दू संस्कारों से परिचित कराने के लिये आगामी 17 से 20 नवंबर तक लगने वाले ‘हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले’ में ढाई लाख से ज्यादा लोगों के आने की संभावना है। कविनगर के विशाल रामलीला मैदान में इस अनोखे मेले की तैयानियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजकों का दावा है कि यूपी में ऐसा अनोखा मेला अब से पहले कभी नहीं लगा।
मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष व यशोदा अस्पताल समूह के चेयरमैन डॉ. दिनेश अरोड़ा और उपाध्यक्ष व लैन्डक्राफ्ट डवलपर्स के निदेशक ललित जायसवाल ने रविवार को एक प्रैसवार्ता में बताया कि मेले में सनातन संस्कृति और समाज में सेवा, जागरूकता और सार्थक आंदोलनों से जुड़ी 108 संस्थाएं हिस्सेदारी कर रही हैं। स्वामी अवधेशानंद गिरि इस मेले का उद्घाटन करेंगे और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख अवतार सिंह मक्कड़श्विशेष अतिथि होंगे।
डॉ. दिनेश अरोड़ा ने कहा कि सैकड़ों साल की गुलामी के बाद 1947 में हम आजाद जरूर हो गए लेकिन पहले मुगलों और बाद में अंग्रेजों की संस्कृति व परंपराओं को आत्मसात करके हम अपनी वह महान संस्कृति भूल बैठे हैं, जिसके बल पर भारत को विश्वगुरु कहा जाता था। हमने शिक्षा तो पाई, लेकिन सिर्फ रोजी-रोटी में उलझकर रह गए। समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों और नई पीढ़ी को दिशा देने के उत्तरदायित्व से सरोकार नहीं रखा। धनोपार्जन और सुविधाओं को जुटाने की आपाधापी में हम अपनी महान संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से मानसिक क्रांति पैदा करके अपनी महान संस्कृति का पुनरोद्धार करना ही मकसद है और मेला इसी उद्देश्य को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
मेले के समन्वयक गुणवंत कोठारी ने बताया कि एस गुरुमूर्ति ने पहली बार 2009 में चेन्नई में इस तरह के मेले का आयोजन किया था। पिछले दिनों जयपुर में भी लगे मेले में दो लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद के बाद यूपी के लखनऊ, बनारस और इलाहाबाद में भी हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि मेले में धार्मिक अनुष्ठानो के अलावा वन संरक्षण, पारिवारिक और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान और राष्ट्रीयता को सुद्रढ़ करने के लिये भी तमाम कार्यक्रम आयोजित होंगे। मेले के संयोजक विजय गोयल ने बताया कि आयोजन में फिलहाल डेढ़ करोड़ का बजट बना है। उन्होंने कहा कि आम जनता से इसके आयोजन के लिये कोई राशि नहीं ली गई है। सिर्फ कॉरपोरेट घराने ही खर्च कर रहे हैं। उनसे भी बैंक चेक के जरिये ही रकम ली गई है।



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