पाकिस्तान ही नही भारत में भी इनके उपन्यास ब्लैक में बिका करते थे 

1950 से 1980 तक के दौर में साहित्य के क्षेत्र में जासूसी कथा लेखन की कोई खास प्रतिष्ठा नहीं थी

Read more