अर्थ जगत

किस दुकान से खरीदें वित्तीय उत्पाद

जब कभी आप उपभोग की वस्तुएं खरीदने जाते हैं, कई दुकानों पर उसी सामान का दाम पता करते हैं, गारंटी व वारंटी की तुलना करते हैं, डेलिवरी फ्री में होगी या उसके लिए अलग से पैसा देना होगा जैसी बातों की चर्चा करते हैं। कई दुकानों पर एक ही सामान का भाव पता करने के बाद आप यह तय करते हैं कि उस सामान को कहां से खरीदा जाए। लेकिन जब आप वित्तीय उत्पाद जैसे बीमा पॉलिसी, म्यूचुअल फंड की यूनिटें, मकान के लिए लोन, फिक्स्ड डिपोजिट जैसे उत्पाद खरीदने जाते हैं तो मोलभाव करने की जरूरत नहीं समझते। आखिर क्यों? इन सभी वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों की उतनी ही पुरजोर तलाश होती है जितनी कि टीवी के शोरूम और किराना दुकानदार को।

यदि आपको म्यूचुअल फंड खरीदना हो तो तीन रास्ते हैं- म्यूचुअल फंड कंपनी का दफ्तर, एजेंट और इंटरनेट। इन तीनों में म्यूचुअल फंड का उत्पाद इंटरनेट के जरिए सबसे कम कीमत पर मिल जाता है। यदि आप कुछ कमीशन वापस पाना चाहते हैं तो एजेंट से खरीदिए। कंपनी के दफ्तर में म्यूचुअल फंड की यूनिटें आपको उसी कीमत में मिलेंगी जो उनकी आधिकारिक कीमत है। बीमा उत्पादों के बारे में भी बहुत कुछ ऐसा ही है। कई कंपनियों ने बीमा उत्पादों के ऑनलाइन संस्करण निकाले हैं। ये संस्करण मूल बीमा पॉलिसी से थोड़े अलग हैं। इनमें कुछ फीचर्स बढ़ा-घटा दिए गए हैं। आप किसी पॅालिसी को लेने से पहले उसके ऑनलाइन संस्करण को जरूर देखिए। यदि आपकी जरूरत पर यह खरा उतरे तो इसे ही लीजिए। इनके प्रीमियम अपेक्षाकृत कम होते हैं। जैसा कि आप जानते हैं बीमा पॉलिसी बेचने पर एजेंटों को अच्छा खासा कमीशन मिलता है। ये खरीदने वाले को कमीशन वापस भी करते हैं। यदि आप कोई पॉलिसी लेना चाहते हैं तो कई एजेंटों से बात कीजिए। देखिए कि कौन आपको सर्वाधिक कमीशन वापस करता है। आखिर उन्हें यह कमीशन आपके पॉलिसी प्रीमियम से ही अदा किया जाता है। जो एजेंट सबसे अधिक कमीशन वापस करे उससे ही पॉलिसी लीजिए। दिलचस्प तो यह है कि आप यदि बीमा कंपनी के ऑफिस में जाकर पॉलिसी खरीदेंगे तो भी आपको पॉलिसी उतने में ही मिलेगी जितने में एजेंट से मिलती। हां, कंपनी के अधिकारी आपको किसी प्रकार का कमीशन वापस नहीं करेंगे क्योंकि पॉलिसी बेचने पर उन्हें किसी प्रकार का कमीशन नहीं मिलता है। हां, आपको उस पॉलिसी के बारे में सही सूचना मिलेगी और आप किसी भी प्रकार के संभावित फरेब से बच जाएंगे। कई बार कुछ अधिकारी आपके बीमा आवेदन पत्र में अपने परिचित एजेंट का एजेंसी कोड भर देते हैं और जो कमीशन आपको वापस मिलना चाहिए था वह खुद अपनी जेब में डाल लेते हैं। इसलिए बीमा कंपनी के ऑफिस से पॉलिसी खरीदते वक्त आवेदन पत्र पर डायरेक्ट लिखना न भूलें।  होम लोन का आवेदन कई बैंकों में एक साथ डालें। जहां सबसे कम ईएमआई बन रही हो वहीं से लोन लें। जो ब्रोकर सबसे कम ब्रोकरेज ले और सबसे बढिय़ा सेवा दे, उसी के यहां से ट्रेडिंग करें।

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