अर्थ जगत

खबरों के बाजार में निवेशक बेजार

यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते रहे हैं तो आर्थिक व व्यावसायिक खबरों के महत्व से भली भांति परिचित होंगे। इन खबरों के अचानक प्रकट हो जाने से आपको कई बार फायदा तो कई बार नुकसान भी उठाना पड़ा होगा। इन खबरों पर हमारा आपका कोई वश नहीं है। पर उन खबरों का क्या जो बेबुनियाद होती हैं और स्रोतों के हवाले से केवल इसीलिए चलाई जाती हैं कि शेयर बाजार के कुछ खास ऑपरेटर्स मिल जुलकर माल बना सकें।

ऐसा नहीं है कि शेयर की कीमतों को प्रभावित करने वाली खबरों को लेकर कोई कायदा कानून ही नहीं है। पूंजी बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियम के मुताबिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियां कंपनी से संबंधित कोई भी खबर सबसे पहले  विनियामक व संबंधित एक्सचेंज को देंगी। पर अधिकांश खबरें स्रोत के हवाले से एक्सचेंज को सूचित करने से पहले ही चला दी जाती हैं। नियामक के फंदे से बचने के लिए खबर में कंपनी के अधिकारी को या तो अनुपलब्ध बताया जाता है या यह कह दिया जाता है कि संबंधित अधिकारी ने न तो खबरों की पुष्टि की न ही उसका खंडन किया। कई बार ऐसी खबरें शेयर बाजार के कारोबारी अवधि के दौरान भी चला दी जाती हैं। इससे उन लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है जो कंपनी के टेक्रिकल्स के आधार पर पोजीशन लेकर बैठे होते हैं। आखिर ये खबरें चलाई क्यों जाती हैं? आमतौर से बड़े निवेशक, ब्रोकिंग हाउस व ऑपरेटर्स किसी स्टॉक को एक्यूमुलेट करने के बाद उसमें गति देने के लिए विभिन्न माध्यमों के जरिए उस स्टॉक को अपने हित के अनुरूप चलाने की कोशिश करते हैं। कई बार इस खेल में कंपनी के प्रमोटर व बड़े अधिकारी तक शामिल होते हैं। चलाई गई खबरें भ्रामक भी हो सकती हैं और सही भी। पर उस नियम का क्या जिसे विनियामक ने बनाया हुआ है? क्या सेबी उसे लागू कर पाती है? क्या यह इनसाइडर ट्रेडिंग नहीं है? क्या यह आम निवेशकों के साथ अन्याय नहीं है?

विकसित देशों में कंपनी के परिणाम बाजार बंद होने के बाद या बाजार खुलने से पहले प्रकाशित किए जाते हैं। अपने देश में ऐसा कोई नियम नहीं है। इनफोसिस व रिलाएंस बाजार बंद होने के बाद परिणाम प्रकाशित करते हैं तो अमूमन सभी बैंकिंग कंपनियां बाजार की अवधि के दौरान ही ऐसा करती नजर आती हैं। क्या सेबी इसमें एकरूपता नहीं ला सकती है? क्या स्रोत के हवाले से चलाई जा रही खबरों को विनियमित नहीं किया जा सकता है। हाल में जीएएआर वाले मसले पर वित्त मंत्रालय के अनाम अधिकारियों के हवाले से खबरें चलाकर न जाने कितनी बार शेयर बाजार को स्विंग किया गया। न किसी खबर का खंडन आया न ही किसी का मंडन हुआ। खबर का स्रोत कौन था किसी को पता नहीं। संभव है ऑपरेटर्स की मिलीभगत से खबरें मन में गढ़ कर चला दी गई हों। पर उन आम निवेशकों का क्या जिनके स्टॉप लॉस ट्रिगर हो जा रहे थे। हाल ही में सरकार ने राजीव गांधी इक्विटी योजना का ऐलान किया है जिसमें शेयर बाजार में किए गए निवेश पर आयकर में रियायत का प्रावधान है। क्या टैक्स में रियायत के बहाने सरकार आम लोगों का पैसा उस शेयर बाजार में लगवाना चाहती है जो उन खबरों पर हिचकोले खाता हो जो ऑपरेटर्स द्वारा प्लांट कराई जा रही हों। जब तक सरकार शेयर मूल्यों को प्रभावित करने वाली खबरों को विनियमित नहीं करती है, तक तक आम आदमी को शेयर बाजार की आग में झोंकना अमानवीय होगा।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें

Read all Latest Post on अर्थ जगत arth jagat in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: %e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82 %e0%a4%95%e0%a5%87 %e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0 %e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82 %e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%95 in Hindi  | In Category: अर्थ जगत arth jagat

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *