अर्थ जगत

शॉर्ट टर्म डिपोजिट पर रखें दूर की सोच

बहुत सारे निजी एवं सरकारी बैंक इन दिनों लघु सावधि जमाओं (एक वर्ष की परिपक्वता अवधि) पर बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज की तुलना में ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। मसलन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 01 जुलाई को अपने लघु अवधि की जमाओं के ब्याज की समीक्षा की। इस दौरान बैंक ने अब 178 दिनों की 15 लाख रुपये से कम के डोमेस्टिक टर्म डिपोजिट पर 7 फीसदी का ब्याज, 181 से 240 दिन वाली डिपोजिट पर 7.25 फीसदी एवं 241 दिन से ज्यादा एवं एक वर्ष से कम वाली डिपोजिट पर 7.5 फीसदी का ब्याज देने का फैसला किया है।

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई ने हाल ही में 15 लाख रुपये से कम के लघु अवधि जमाओं पर मिलने वाले ब्याज दरों की समीक्षा की है। बैंक ने साधारण ग्राहकों (वरिष्ठ नागरिकों को छोडक़र) को 30 से 45 दिन की परिपक्वता अवधि वाली जमाओं पर 5 फीसदी, 46 से 60 दिन की परिपक्वता अवधि वाली जमाओं पर 6.25 फीसदी, 61 दिन से 90 दिन वाली जमाओं पर 6.5 फीसदी, 91 दिन से 184 दिन वाली जमा पर 7 फीसदी, 185 दिन से 289 दिन वाली जमा पर 7.5 फीसदी एवं 290 दिन से ज्यादा एवं एक वर्ष से कम की जमाओं पर 7.75 फीसदी का ब्याज देने का फैसला किया है। जहां तक वरिष्ठ नागरिकों का सवाल है तो उनके लिए ये दरें थोड़ा  और भी ज्यादा है। मई महीने में, पंजाब नेशनल बैंक ने भी एक करोड़ रुपये से कम अवधि वाले डिपोजिट से संबंधित ब्याज दरों की समीक्षा की है। इसके अंतर्गत बैंक 15 से 45 दिन की अवधि वाली सावधि जमाओं पर 4.5 फीसदी का ब्याज, 46 दिन से 90 दिनों के जमाओं पर 7.5 फीसदी, 91 दिन से 179 दिन की जमाओं पर 6.75 फीसदी एवं 180 दिन से 270 दिन व 271 दिन से ज्यादा पर एक वर्ष से कम अवधि की जमाओं पर 7.5 फीसदी का ब्याज दे रहा है।

इसके अलावा कई बैंक जैसे कोटक महिंद्रा एवं आईएनजी वैश्य ने भी लघु अवधि पर मिलने वाले ब्याज दरों की समीक्षा की है। सुनने एवं देखने में यह तो काफी आकर्षक लग रहा है परंतु लघु अवधि की इन फिक्स्ड डिपोजिट (सावधि जमा) स्कीमों में निवेश करने से पहले निवेशक को कई तरह के कारकों पर ध्यान देना चाहिए।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: %e0%a4%b6%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f %e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae %e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f %e0%a4%aa%e0%a4%b0 %e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a5%87 | In Category: अर्थ जगत  ( arth jagat )

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *