अर्थ जगत

ब्लैकलिस्टेड एरिया कहीं अफवाह तो नहीं

आनंद कानितकर एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वे मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं परंतु पूरे परिवार के साथ वे दिल्ली में रहते हैं। वे दो कमरे का एक मकान खरीदना चाहते हैं। उनके कुछ दोस्तों ने दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर बिक्री वाली प्रॉपर्टी की जानकारी दी। आनंद को उनमें से एक बहुत पसंद भी आया। उन्होंने उस घर को खरीदने का मन बना लिया। बिना समय गंवाए उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक में, जहां उनका बचत खाता है, होम लोन हेतु संपर्क किया। बैंक ने पहले तो उनसे प्रॉपर्टी की सारी जानकारी मांगी एवं बाद में यह कहते हुए लोन देने से मना कर दिया कि वह (बैंक) संबंधित इलाके में लोन नहीं देता। श्री कानितकर को इसका कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। इसी तरह एक-दो और बैंकों ने लोन देने से मना कर दिया। अब आनंद नए इलाके में घर देख रहे हैं। वे यह मान चुके हैं कि उस इलाके में बैंकों से लोन नहीं मिलेगा।

देश में कई ऐसे इलाके हैं जहां ग्राहकों को इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। बड़ी मेहनत से लोग घर पसंद करते हैं एवं बैंक एक झटके में लोन देने से मना कर देते हैं। इसमें दो राय नहीं है कि लोन हमेशा वैसी प्रॉपर्टी पर ही मिलता है जिसकी रजिस्ट्री होती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद देश के अधिकतर इलाके में जीपीए (जेनरल पॉवर ऑफ एटॉर्नी) वाली प्रॉपर्टी पर लोन नहीं मिलता है। क्योंकि इसमें कई तरह के रिस्क हैं एवं प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री नहीं कराने पर सरकार को राजस्व की हानि भी होती है।

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Title: balack list area

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