अर्थ जगत

अब बैंक को बुलाइए अपने घर

बैंकिंग सेक्टर में प्रतियोगिता इन दिनों काफी बढ़ गई है। इस क्षेत्र में भिन्न-भिन्न तरह की सेवाओं की शुरुआत हो रही है। सरकार वित्तीय समावेशन योजना के अंतर्गत बैंकिंग क्षेत्र के विकास पर काफी ध्यान दे रही है। हर आदमी तक आसान बैंकिंग सेवाओं का लाभ पहुंचाने के मद्देनजर कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इन दिनों डोर टू डोर बैंकिंग जोर पर है। अब तो कुछ बैंक पंचायत स्तर पर भी अपनी शाखाएं खोल रहे हैं। बैंक के प्रतिनिधि घर-घर जाकर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

सेवा के मामले में भी प्रतियोगिता

बैंकिंग सेक्टर में  प्रतियोगिता अब सिर्फ ब्याज दर के स्तर तक ही सीमित नहीं है बल्कि बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिहाज से भी बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। बेहतर एवं आसान सेवाओं के जरिए  ग्राहकों को जोडऩे की नई-नई तरकीब निकाली जा रही है। सावर्जनिक एवं निजी क्षेत्र के तमाम बैंक इस स्तर पर भी एक दूसरे को मात देने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि जहां तक वित्तीय समावेशन योजनाओं की बात है तो सार्वजनिक बैंकों ने इस तरफ काफी प्रयास किए हैं।

आरबीआई द्वारा निर्धारित किए गए वित्तीय समावेशन योजना के अंतर्गत सभी सार्वजनिक बैंक देश की अधिकतम आबादी को बैंकिंग नेटवर्क से जोडऩे के लिए कई तरह के आवश्यक कदम उठा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में कई सार्वजनिक बैंक डोर टू डोर सेवाएं दे रहे हैं। बैंक के प्रतिनिधि हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन के साथ लोगों के घर तक पहुंच जाते हैं। आरबीआई की वित्तीय समावेशन योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने देश के 73 हजार गांवों में अल्ट्रा स्मॉल बैंक की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, आंध्रा बैंक, सेंट्रल बैंक आदि ने कई अनोखे प्रयास किए हैं।

अब पंचायत स्तर पर भी शाखा

बैंक ऑफ इंडिया ने तो इस तरफ काफी मजबूती से कदम बढ़ाया है। इसने पंचायत स्तर पर बैंक का एक छोटा रूप स्थापित किया है। इस सेवा के अंतर्गत ग्रामीणों की आवश्यकतानुसार कृषि ऋण, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विविध लोकहितकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान, ग्रामीण लोगों के होनहार बच्चों को छात्रवृति का भुगतान आदि कार्य मुख्य रूप से किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर बैंकों की मिनी शाखाओं के जरिए सरकार चाहती है विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्यक्ष रूप से ग्रामीणों को मिले। आने वाले दिनों में मनरेगा मजदूरी, पेंशन, स्कॉलरशिप आदि के अलावा किरासन तेल एवं रसोई गैस की सब्सिडी राशि आदि का भुगतान भी मूविंग एटीएम या डोर टू डोर बैंकिंग के जरिए किया जाएगा। आइए, बैंकों द्वारा आपके दरवाजे पर पहुंचाई जाने वाली कुछ और बैंकिंग सेवाओं की चर्चा करते हैं।

आपका कैश घर तक पहुंचाएगा बैंक

कुछ बैंकों ने ग्राहकों के घर से कैश ले आने या कैश पहुंचाने की सुविधा की  पेशकश की है। हालांकि यह सुविधा सभी ग्राहकों के लिए नहीं है। इसके लिए बैंक कुछ आवश्यक न्यूनतम शर्तें जोड़ देते हैं (मसलन न्यूनतम बैलेंस के रूप में कुछ निश्चित रकम बनाए रखने की बाध्यता)। सेंट्रल बैंक ने हाल ही में इस तरह की सेवा की शुरुआत की है।  बैंक डोर टू डोर बैंकिंग को आने वाले दिनों में काफी वृहद् स्तर पर शुरू करेगा। इस समय यह सुविधा (कैश लाने या पहुंचाने) केवल दिल्ली एवं मुंबई के ग्राहकों के लिए शुरू की गई है। कुछ और बैंक भी इस तरह की सुविधा ऑफर कर रहे हैं। इस तरह की सुविधा को और उन्नत बनाने के लिए बैंक तकनीकी स्तर पर काफी कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं सेंट्रल बैंक तो कैश लाने या पहुंचाने की सेवा देने के साथ संबंधित ग्राहक को कुछ पूरक सेवाएं मसलन चेक, ड्राफ्ट आदि पहुंचाने या ले जाने की सेवा भी दे रहा है।

बैंक ऑन व्हील

वित्तीय समावेशन योजना के तहत बैंक अब बैंक ऑन व्हील सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। इसके तहत वाहनों के जरिए बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाती है। देश में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां अभी भी बैंकिंग सेवाओं का विकास नहीं हो पाया है। आधारभूत ढांचे के विकास के अभाव में इन क्षेत्रों में शाखाओं की शुरुआत करना बैंकों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में वाहनों के जरिए     घूम -घूमकर इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना इस योजना का प्रमुख मकसद है। इस योजना की शुरुआत सबसे पहले आंध्रा बैंक ने की थी। इस सेवा के जरिए ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को खाता खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इतना ही नहीं खाताधारक इसी स्टेशन पर अपने खाते का संचालन भी कर सकते हैं।

डोर स्टेपिंग बैंक सर्विस

पंजाब नेशनल बैंक ने डोर स्टेपिंग बैंक सर्विस के नाम से डोर टू डोर बैंकिंग सेवा की शुरुआत की है। इस सेवा के अंतर्गत ग्राहकों को नकदी जमा करने या निकासी के बाद उसे घर तक पहुंचाने को सुरक्षित बनाया जाता है। मतलब ये कि यदि आप बैंक में पैसा जमा कर रहे हैं या वहां से नकदी निकाल कर घर ले जा रहे हैं तो सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है। इसे आपके घर तक सुरक्षित पहुंचाने या घर से बैंक तक सुरक्षित लाने की जिम्मेदारी बैंक की होगी। पीएनबी ने अपनी इस सेवा को तीन कैटेगरी में बांट रखा है। अलग-अलग कैटेगरी के तहत कुछ भिन्न दिशानिर्देशों एवं औपचारिकताओं का पालन करना होता है।

ऑन कॉल सर्विस- इसके अंतर्गत ग्राहक बैंक से उसके फोन नंबर या फैक्स के जरिए मिलने वाली सेवा हेतु लिखित आग्रह करता है। ग्राहक द्वारा फोन पर मिलने वाली सेवाओं के लिए आवेदन प्राप्त होने के बाद ही बैंक इसे अपने लिस्ट में (सेवा हेतु) शामिल करता है।

बीट पिक अप- बीट पिक अप एक अनूठी वित्तीय सेवा है। इसके अंतर्गत ग्राहक के व्यवसाय स्थल तक (यदि ग्राहक उस कैटेगरी में है तो) जाकर उसकी जरूरत के हिसाब से आवश्यक सेवा प्रदान करेगा।

नि:शुल्क सेवा- इस सेवा को प्राप्त करने के लिए ग्राहक को अपने खाते में एक न्यूनतम बैलेंस रखना अनिवार्य होगा। यह न्यूनतम बैलेंस इस बात पर निर्भर करेगा कि ग्राहक कितना रकम निकालना या जमा करना चाहता है। ग्राहक इसके साथ चेक, ड्राफ्ट, डिविडेंड, पेऑर्डर आदि भेज एवं मंगा सकते हैं।

मूविंग एटीएम- मूविंग एटीएम ने बैंकिंग समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। कुछ सुरक्षा कर्मियों एवं कर्मचारियों के साथ मोबाइल वैन (चार पहिए गाडिय़ों पर सेट की गई एटीएम मशीन) जगह-जगह घूमती रहती है। कहने का मतलब है कि मोबाइल एटीएम आपके घर तक दस्तक देती है।

आईसीटी मॉडल

इंफॉर्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) मॉडल के तहत बैंक के प्रतिनिधि गांव में जाकर किसानों का खाता खोलने के अलावा उन्हें खाता परिचालन की सुविधा भी देंगे। हैंड हेल्ड मशीन में स्मार्ट कार्ड का उपयोग भी आसानी से होगा। मशीन से नकद राशि निकालते वक्त उसमें जितनी राशि अंकित की जाएगी वह आवाज भी करेगी जिससे अनपढ़ ग्रामीणों को भी कोई मूर्ख नहीं बना सकता। पंजाब नेशनल बैंक ने तो यह सेवा सितंबर महीने से शुरू भी कर दी है। हैंड हेल्ड डिवाइस के जरिए एक दिन में अधिकतम पांच हजार रुपये की नकद निकासी की जा सकेगी जबकि अधिकतम 10 हजार रुपये जमा करने की सुविधा मिलेगी।

घर बैठे प्राप्त करें बैंकिंग सेवा

बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिहाज से बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है।

ग्रामीण इलाकों में कई सार्वजनिक बैंक डोर टू डोर सेवाएं दे रहे हैं।

कुछ बैंकों ने ग्राहकों के घर से कैश ले आने या कैश पहुंचाने की सुविधा की  पेशकश की है।

पंजाब नेशनल बैंक ने डोर स्टेपिंग बैंक सर्विस के नाम से डोर टू डोर बैंकिंग सेवा की शुरुआत की है।

इस सेवा के अंतर्गत ग्राहकों को नकदी जमा करने या निकासी के बाद उसे घर तक पहुंचाने को सुरक्षित बनाया जाता है।

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Title: bank executive on your doorstep in Hindi  | In Category: अर्थ जगत arth jagat

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