अर्थ जगत

एमएफ में निवेश के विभिन्न तरीके

आमतौर पर लोग किसी भी तरह के निवेश के लिए एकमुश्त भुगतान करते हैं लेकिन म्यूचुअल फंड में इसके अलावा भी कई सारे विकल्प हैं। दरअसल म्यूचुअल फंड में आपको विभिन्न ऐसे विकल्प मिलेंगे जो निवेशकों को अनुशासित निवेश रणनीति लागू करने के लिए प्रेरित करते हैं।

ऑटोमैटिक री-इनवेस्टमेंट प्लान

इन योजनाओं को डिविडेंड रिइनवेस्टमेंट प्लान भी कहते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों की दो योजनाएं होती हैं - ग्रोथ प्लान और डिविडेंड प्लान। ग्रोथ प्लान में आपका निवेश बढ़ता (या घटता) चला जाता है जबकि डिविडेंड प्लान में आपको आपके निवेश पर लाभांश की प्राप्ति होगी। हम इन्हीं डिविडेंड प्लान की चर्चा कर रहे हैं।

ऑटोमैटिक री-इनवेस्टमेंट प्लान के तहत, जब कोई स्कीम डिविडेंड (लाभांश) की घोषणा करती है तो वह उपभोक्ता को अदा नहीं किया जाता है बल्कि वापस स्कीम में निवेश कर दिया जाता है ताकि नई यूनिटें खरीद ली जाए। यहां निवेशक लाभांश के चैक प्राप्त करने और फिर उस चैक से अन्य यूनिट खरीदने के बजाए सीधे सीधे वापस निवेश कर रहे होते हैं। इस प्रकार यह पूरा लेन-देन बगैर नगदी के आदान-प्रदान के हो जाता है।

आपको याद दिला दें कि यदि आप म्यूचुअल फंड की कोई स्कीम खरीदते हैं तो असल में आप उस स्कीम की यूनिट को एनएवी की दर से खरीद रहे होते हैं। खैर, डिविडेंड का पुन: निवेश एक्स डिविडेंड एनएवी के भाव पर किया जाता है। इस प्रकार डिविडेंड री-इनवेस्टमेंट प्लान अपने निवेशकों को कंपाउंडिंग का लाभ देता है।

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Title: how to invest in mutual fund

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