जानें क्या हैं शेयरधारकों के अधिकार


आम बोलचाल में जिसे शेयर या स्टॉक कहा जाता है वह असल में इक्विटी शेयर होता है। किसी कंपनी के कुल मूल्य का विभाजन कर बनाई गई सबसे छोटी इकाई को इक्विटी शेयर कहते हैं। इससे किसी कंपनी में एक अंश की हिस्सेदारी व्यक्त होती है। किसी कंपनी का इक्विटी शेयर उसके शेयरधारक को उस कंपनी में आंशिक स्वामित्व का अधिकार देता है। इक्विटी शेयरधारक कंपनी के फायदे-नुकसान में अपने शेयरों की संख्या के अनुपात में व्यवसायिक हिस्सेदार होता है। इक्विटी शेयर की खरीद प्राथमिक बाजार (प्राइमरी मार्केट) से पब्लिक इश्यू के दौरान आवेदन करके की जा सकती है या फिर सीधे शेयर बाजार के मान्यता प्राप्त ब्रोकर के माध्यम से द्वितीयक बाजार (सेकेंडरी मार्केट) में भी शेयर खरीदे जा सकते हैं। आइए, अब बात करते हैं प्राथमिक बाजार और द्वितीयक बाजार की।

प्राथमिक बाजार

प्राथमिक बाजार किसी पूंजी बाजार का वह भाग होता है जहां प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज) पहली बार बेची जाती हैं। कोई कंपनी जब अपनी परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए पब्लिक इश्यू जारी करती है तो इस ऑफर के माध्यम से आवेदन करके शेयर पाने और कंपनी द्वारा शेयर आवंटित करके उनको सूचीबद्ध कराने तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया प्राथमिक बाजार के कार्यक्षेत्र में आती है।

द्वितीयक बाजार

द्वितीयक बाजार किसी पूंजी बाजार का वह भाग होता है जहां कंपनियों की ओर से प्राथमिक बाजार में जारी की गई प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री होती है। कोई कंपनी पब्लिक इश्यू द्वारा आवेदकों को शेयर आवंटित करने के बाद उन्हें पंजीकृत स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करवाती है। सूचीबद्धता के बाद पब्लिक इश्यू के जरिए प्राथमिक बाजार में आवंटित किए गए शेयरों की खरीद-बिक्री द्वितीयक बाजार में होती है। शेयर बाजार को ही तकनीकी रूप से द्वितीयक बाजार कहते हैं।

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