अर्थ जगत

समय के साथ बदली बीमा कंपनियों की सोच महिलाओं के लिए भी हैं बहुत सारी पॉलिसी

पौराणिक काल से महिलाओं को घर गृहस्थी संभालने का जिम्मा ही दिया जाता रहा है। उन्हें सिर्फ घरों तक सीमित रखा जाता था। शुरुआती दिनों में इंश्योरेंस के लिए योग्य, सिर्फ पुरूषों को ही समझा जाता था क्योंकि घर में कमाने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी अर्थात पैसा वे ही कमाते थे। महिलाएं घरों में ही रहती थी एवं चूल्हा-चौका करना ही उनकी प्रमुख जिम्मेदारी थी। कहने का मतलब है कि महिलाएं पैसा नहीं कमाती थीं एवं इसी को आधार बनाकर उन्हें इंश्योरेंस कवर से वंचित किया जाता था।  हालांकि बच्चे को जन्म देने के समय महिलाओं का जीवन जोखिम में तब भी रहता था फिर भी उन्हें बीमा के योग्य नहीं माना जाता था। लेकिन अब गंगा-यमुना में काफी पानी बह चुका है। स्थितियां अब बदल चुकी हैं।

जीवन के हर क्षेत्र में अब महिलाएं पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। समय के अनुसार बीमा कंपनियों की सोच में भी काफी परिवर्तन आया है। अब महिलाओं को बड़े स्तर पर बीमा कवर सिर्फ ऑफर ही नहीं किया जा रहा बल्कि उनके लिए कई तरह के विशिष्ट राइडर एवं उत्पाद भी लांच किए जा रहे हैं। महिलाएं अब अपने भविष्य की सुरक्षा एवं जरूरतों के हिसाब से किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। इसी को ध्यान में रखकर बीमा कंपनियां अब महिलाओं पर केंद्रित कई तरह की पॉलिसी लांच कर रही हैं। बजाज एलियांज ने गृहिणियों को ध्यान में रखकर एक बीमा उत्पाद लांच किया है। इसके तहत पति के पास बीमा कवर को सुनिश्चित किए बिना ही संबंधित महिला को एक लाख रुपये तक का कवर प्रदान किया जाता है।

समान नियमों एवं शर्तों के आधार पर ही बहुत सारी बीमा कंपनियां महिलाओं से पुरूषों की तुलना में कम प्रीमियम एवं मोर्टेलिटी चार्ज लेती हैं। बजाज एलियांज के पास महिलाओं पर केंद्रित कुछ विशेष हेल्थ राइडर, एक्सिडेंटल डिसैबिलिटी राइडर एवं इंश्योरेंस प्रोडक्ट हैं।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: now insurance for women

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *