अर्थ जगत

कुछ कंपनियों के शेयर जिन्हें जाड़ों में लग जाती है ठंड

हर साल चुनिंदा महीनों में विभिन्न क्षेत्रों में कुछ आंकड़े ऐसे होते हैं जो अगले साल फिर लगभग उसी तरह के होते हैं। ऐसा उन महीनों में फिर से उस मौसम के वापस आ जाने की वजह से होता है। आम तौर पर यह विभिन्न सामानों के उत्पादन और बिक्री में देखा जाता है। उदाहरण के तौर पर जाड़े के महीनों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ जाती है। इसी तरह गर्मी के महीनों में कूलर, एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की बिक्री के आंकड़े उछल जाते हैं। यही नहीं, विवाह के मौसम में सोने-चांदी के आभूषणों की बिक्री में वृद्धि हो जाती है। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि शेयर बाजार में भी इस तरह का रुझान देखने को मिल जाता है। भारतीय शेयर बाजार में कुछ ऐसे शेयर हैं जो जाड़े के महीनों में ठिठुर जाते हैं।

शेयर बाजार में भी है यह रुझान

शेयर बाजार में किसी खास दिन, महीने या मौसम में किसी खास तरह के रुझान की पहचान करने के लिए बहुत सारे अध्ययन किए गए हैं। इन अध्ययनों से पता चला है कि किसी खास दिन, हफ्ते या महीने में किसी खास शेयर या शेयर समूह से मिलने वाले रिटर्न में एक खास तरह की समानता होती है। कुछ अध्ययनों से यह पता चला है कि हफ्ते के कुछ दिनों के दौरान अन्य दिनों के मुकाबले अधिक रिटर्न मिलता है। निवेशक इस आधार पर अपने फायदे के लिए एक बेहतरीन रणनीति बना सकते हैं। अग्रवाल और टंडन ने अपने अध्ययन में बताया था कि विभिन्न शेयरों से शुक्रवार को मिलने वाले रिटर्न असाधारण रूप से अधिक होते हैं, जबकि सोमवार को मिलने वाले रिटर्न असामान्य रूप से कम होते हैं।

दिसंबर और जनवरी में निफ्टी देता है बेहतर रिटर्न

इसी तरह विभिन्न अध्ययनों में देखा गया है कि साल के कुछ खास महीनों में अन्य महीनों के मुकाबले बेहतर रिटर्न हासिल होता है। इसी तरह के एक अध्ययन में, जहां मासिक आधार पर हासिल रिटर्न का अध्ययन किया गया, यह पता चला कि दिसंबर, जनवरी, जुलाई और सितंबर में निफ्टी से अपेक्षाकृत बेहतरीन रिटर्न हासिल होता है।

पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर आस नारायण साह ने अपने अध्ययन में बताया है कि उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में सीजनैलिटी का परीक्षण करने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंनेे निफ्टी को भारतीय शेयर बाजार का प्रतिनिधि चुना और निफ्टी व निफ्टी जूनियर से हासिल होने वाले रिटर्न के जरिए भारतीय शेयर बाजार में सीजनैलिटी की उपस्थिति के बारे में जानने का प्रयास किया। इस अध्ययन का नतीजा सकारात्मक रहा। पता चला कि दिसंबर, जनवरी, जुलाई और सितंबर के दौरान निफ्टी द्वारा अन्य महीनों के मुकाबले अपेक्षाकृत बेहतरीन रिटर्न मुहैया कराए गए हैं, जबकि जून और दिसंबर महीनों में निफ्टी जूनियर ने दूसरे महीनों के मुकाबले अपेक्षाकृत अधिक रिटर्न दिया है।

कई ऐसे अध्ययन भी हुए हैं जो बताते हैं कि भारत सरकार द्वारा रेल बजट पेश किए जाने से कुछ महीने पहले उन सभी शेयरों में गतिविधियां तेज हो जाती हैं जिनका संबंध रेल परिचालन में इस्तेमाल होने वाले इंजन, कल-पुर्जों आदि के उत्पादन से है।

इसी तर्ज पर हमने उन शेयरों की पहचान करने की कोशिश की जिनमें जाड़े के मौसम में ठिठुरन सी आ जाती है। कहने का मतलब यह कि या तो ये शेयर जाड़े के मौसम में नकारात्मक रिटर्न देते हैं या फिर इनसे मिलने वाला रिटर्न सपाट रहता है। इसके लिए हमने पिछले पांच जाड़ों के दौरान 15 नवंबर से लेकर 15 मार्च तक के प्रदर्शन का विश£ेषण किया और पाया कि इन आठ कंपनियों के शेयरों ने इस दौरान आम तौर से नकारात्मक रिटर्न ही दिया है।

अधिकांश बार नकारात्मक रिटर्न

पिछले पांच सालों के जाड़ों में इन कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन खासा निराशाजनक रहा है। ब्लूस्टार, वोल्टास लिमिटेड, वैल्यू इंडस्ट्रीज, फेडर्स लॉयड, लॉयड इलेक्ट्रिक, हिताची होम एंड लाइफ सॉल्यूशंस जैसी कंपनियों के शेयरों ने पिछले पांच में से चार जाड़ों के दौरान अपने निवेशकों को नकारात्मक रिटर्न दिया है, जबकि व्हर्लपूल और आईएफबी इंडस्ट्रीज के शेयरों ने पिछले पांच जाड़ों में से तीन बार अपने निवेशकों को नुकसान दिया है।

भारी गिरावट का होना पड़ा है शिकार

गौर करने वाली दूसरी बात यह है कि कई बार तो इन शेयरों मेें इस मौसम के दौरान खासी गिरावट देखने को मिली है। उदाहरण के तौर पर साल 2007-08 के जाड़े के दौरान फेडर्स लॉयड के शेयर में 56.73 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली थी। इसी तरह साल 2008-09 के जाड़े में वोल्टास लिमिटेड का शेयर 50.40 फीसदी, लॉयड इलेक्ट्रिक का शेयर 49.24 फीसदी और हिताची होम एंड लाइफ सॉल्यूशंस का शेयर 42.77 फीसदी फिसल गए थे। इसी तरह साल 2010-11 के जाड़े में वोल्टास लिमिटेड के शेयर में 39.69 फीसदी, वैल्यू इंडस्ट्रीज के शेयर में 38.46 फीसदी और लॉयड इलेक्ट्रिक के शेयर में 34.94 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

ऐसे में क्या करे निवेशक

सवाल यह है कि ऐसे रुझानों को देखते हुए निवेशक को किस तरह की रणनीति अपनानी चाहिए। बेहतर तो यह होगा यदि निवेशक इस अवधि के दौरान इन शेयरों से दूर रहें।

ब्लूस्टार का नाम सेंट्रल एयरकंडीशनिंग के क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार होता है। तकरीबन 2700 करोड़ रुपए के सालाना टर्नओवर वाली इस कंपनी के पास सात आधुनिक संयंत्र हैं।

पुंज परिवार द्वारा प्रवर्तित फेडर्स लॉयड ने एसी यूनिट्स  की बिक्री से शुरुआत की और उसके बाद यह एसी यूनिट्स के उत्पादन के क्षेत्र में उतर गए। सेंट्रल एसी सिस्टम को छोड़ कर यह सभी तरह के एसी बनाती है।

जापान-स्थित हिताची एप्लायंस इंक की भारतीय इकाई हिताची होम एंड लाइफ सॉल्यूशंस रूम एसी, कॉमर्शियल एसी, चिलर्स सहित विभिन्न उत्पाद बनाती है और रेफ्रिजरेटर, वीआरएफ आदि की बिक्री करती है।

साल 1989 में स्थापित लॉयड इलेक्ट्रिक ने अपने उत्पाद प्रोफाइल में खासा बदलाव किया है और अब यह  एयर कंडीशनिंग, रेफ्रिजरेशन आदि से संबंधित उपकरणों के उत्पादक के तौर पर स्थापित हो गया है।

विडियोकॉन एप्लायंसेज लिमिटेड के नाम से 1988 में स्थापित यह कंपनी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम एप्लायंसेज के निर्माण व बिक्री से संबंधित है। साल 2008 से इसका नाम वैल्यू इंडस्ट्रीज कर दिया गया है।

साल 1954 में स्थापित वोल्टास लिमिटेड दरअसल हीटिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग, रेफ्रिजरेशन, टेक्सटाइल मशीनरी, इनडोर एयर क्वालिटी, कोल्ड चेन सॉल्यूशंस, वाटर ट्रीटमेंट आदि से संबंधित है।

साल 1974 में भारत में काम शुरू करने वाली आईएफबी इंडस्ट्रीज के उत्पादों में स्ट्रेटनर्स, डीक्वायलर्स, स्ट्रिप लोडर्स, वॉशिंग मशीन, क्लोथ ड्रायर, माइक्रोवेव ओवन आदि आते हैं।

अमेरिकी कंपनी की भारतीय इकाई व्हर्लपूल इंडिया ने भारत में कामकाज 1980 के दशक के आखिरी सालों में शुरू किया। इसके पोर्टफोलियो में वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, एसी और ओवन आदि उत्पाद शामिल हैं।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें

 

Read all Latest Post on अर्थ जगत arth jagat in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: these companies share fall in winter in Hindi  | In Category: अर्थ जगत arth jagat

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *