Home Articles posted by मोहन गुप्त
खासखबर

शोध के नाम पर...

हरिपाल त्यागी मेरा दोस्त है—बहुत प्यारा और क़दीमी। उसके साथ मेरी दोस्ती की उम्र आधी सदी से ऊपर हो चुकी है। मुझे याद है, दिल्ली प्रेस की लोकप्रिय पत्रिका मुक्ता की शुरुआत 1961 में हुई थी और तभी उसमें संस्कृत-नाटककार शूद्रक की रचना मृच्छकटिकम् का हिंदी-अनुवाद भव्य रूप में प्रकाशित करने की योजना