एक है कंगारू चूहा


उत्तरी अमेरिका के रेगिस्तान को मूल निवासी कंगारू चूहा पानी नहीं पीता। यह भारतीय चूहे के आकार का स्तनधारी जीव है। अन्य चूहों की तरह ही यह भी अनाज खाता है और बिलों में रहता है। लेकिन इसे रेगिस्तान में पानी नसीब नहीं होता। फिर भी इसके शरीर में पानी की कमी नहीं होती। यों प्रकृति में अनेक जीव हैं जो बिना पानी के भी जिंदा रह लेते हैं। खासकर सांप, छिपकली, कीट आदि। ये जो भी भोजन करते हैं, उसके माध्यम से शरीर में पानी की पूर्ति कर लेते हैं। जैसे ऊंट के बारे में यह कहना कि उसके शरीर में पानी की थैली होती है, सही नहीं है।
चलिए देखते हैं कि कंगारू चूहा जिंदा रहने के लिए पानी का इंतजाम कैसे करता है ? कंगारू चूहे के शरीर में अन्य स्तनधारियों की तरह लगभग 70 फीसदी पानी होता है। सूखे बीज खाकर और रेगिस्तान में घूमते हुए भी कंगारू चूहे के शरीर में पानी का संतुलन बना रहता है। इसे समझने के लिए एक अध्ययन किया गया। कंगारू चूहे को 60 मिलीलीटर पीने की जरूरत होती है। यह लगभग 6 मिली पानी तो वातावरण से प्राप्त कर लेता है। यह जो बीज खाता है उसमें से भी पानी की कछ मात्रा होती है। अगर वह 100 ग्राम बीज खाता है तो उसको 6 मिली पानी बीजों से मिल जाता है। बाकी के पानी के निर्माण उसके शरीर में रासायनिक क्रियाओं के दौरान होता है। इसके शरीर में होने वाली रासायनिक क्रिया में लगभग 54 मिली. पानी बनता है। इस तरह 60मिली पानी का इंतजाम हो जाता है।

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