कैसे होता है भारतीय राष्ट्रपति का चयन


दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में राष्ट्रपति का चुनाव काफी अहम होता है तथा यह एक अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली के द्वारा होता है।  देश के प्रमुख नागरिक का चुनाव सीधे जनता नही करती बल्कि जनता द्वारा चुने गये विधायक और सांसद करते हैं।

दुनिया सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में राष्ट्रपति सर्वोच्च संवैधानिक पद है तथा हर 5 वर्षों में राष्ट्रपति का चुनाव होता है। जहाँ एक तरफ अमेरिका में कोई भी व्यक्ति दो कार्यकाल से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन सकता तो  भारत में ऐसी बाध्यता नहीं है। मगर फिर भी देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जो दो कार्यकाल तक राष्ट्रपति रहे।

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राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ देश का कोई भी नागरिक लड़ सकता है, उसकी कम से कम उम्र 35 होनी चाहिए । राज्य या केन्द्र सरकार के तहत राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार किसी लाभ के पद पर न हो। मानसिक रूप से स्वस्थ हो तथा उसे दिवालिया घोषित न किया गया हो । कोई आपराधिक मामला न चल रहा हो । राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को अपनी संपत्ति का खुलासा करना भी अत्यंत जरुरी है |

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संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव में मतदाता के रूप में सभी राज्यों के 4120 विधायक, 543 लोकसभा सदस्य और 233 राज्यसभा के सदस्य वोट डालते हैं यानि कि राष्ट्रपति चुनाव में मतदान 4896 वोटर किये जाते है | 4896 निर्वाचकों के वोटों का कुल मूल्य 10 लाख 98 हजार 882 है व विधायकों के वोटों का मूल्य 5 लाख 49 हजार 474 है, जबकि सांसदों के वोटों का मूल्य 5 लाख 49 हजार 408 है। वोटों का मूल्य 1971 की जनगणना की आबादी के आंकड़ों के आधार पर निकाला जाता है।

वोटों का वेटेज निकालने के लिए प्रदेश की जनसंख्या को वहां के विधायकों की संख्या से बांटा जाता है। उसके बाद जो आकडे प्राप्त होते है, उन्हें एक हजार से भाग दिया जाता है। प्राप्त आकडे ही उस राज्य के एक विधायक के वोट का वेटेज होता है। मान लो एक हजार से भाग देने पर अगर शेष पांच सौ से ज्यादा हो तो वेटेज में एक जोड़ दिया जाता है।

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राष्ट्रपति द्वारा संसद में नामित सदस्य तथा राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य जनता द्वारा नही चुने जाते है अत: वो राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डाल सकते हैं। ‘सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम’ या एकल परिवर्तनीय वोट पद्धति के द्वारा राष्ट्रपति चुनाव कराया जाता है जिसमे वोटर एक ही वोट दे सकता है |

राष्ट्रपति चुनाव में सबसे ज्यादा वोट हासिल करना ही जीत नही होती | जो वोटरों यानी सांसदों और विधायकों के वोटों के कुल वेटेज का आधे से अधिक हिस्सा प्राप्त करता है वही राष्ट्रपति बनता है |

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संघ की शक्ति राष्ट्रपति में निहित है ऐसा भारत के सविधान के अनुच्छेद 52 में लिखा है । भारत का राष्ट्रपति भारत का प्रथम नागरिक होने के साथ ही साथ सशस्त्र सेनाओं का सर्वोच्च सेनानायक भी होता है। देश में आपातकाल लगाने, युद्ध अथवा शांति की घोषणा करने का अधिकार, मृत्युदंड प्राप्त व्यक्ति को क्षमादान, सजा कम करने आदि अधिकार राष्ट्रपति के पास ही होता है |

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भारत के राष्ट्रपति का वेतन डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह है, जो कि करमुक्त है।  भविष्य में ये धनराशी 5 लाख रुपए तक हो सकती है। राष्ट्रपति का आवास एवं कार्यालय रायसीना हिल के नाम से प्रसिद्ध है जो वेटिकन सिटी से तीन गुना बड़ा तथा यह ब्रुनेई के सुल्तान, ब्रिटेन के राजनिवास तथा अमेरिका के राष्ट्रपति के आवास से भी बड़ा है |

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