कड़ी मेहनत प्रेजेंसस ऑफ माइंड और बेहतर कम्‍यूनिकेशन है इस पेशे की पहली शर्त


वो पुराने जमाने की बात है जब रेडियो का मतलब सिर्फ सीलोन, बीबीसी या विविध भारती ही हुआ करता था। आज बदलते वक्त के साथ आए दिन रेडियो की दुनिया भी पूरी तरह बदल गई है, मोबाइल और टैब पर रेडियों की उपलब्धता ने उसे जन जन तक पहुंचा दिया है। उस पर निजी एफ एम चैनल की दौड‍़ तो ऐसी कि आदमी है गाड़ी में हो या मैट्रों में हर वक्त एफ एम ही सुनता रहता है। जिस भी कार में देखिए, सीडी की बजाय हर कोई एफ एम ही सुनता दिखाई पड़ता है। एक चैनल बदलने में एक सेंकड से भी कम समय लगता है, ऐसे में लिसनर्स को बांधे रखने की सबसे अहम कड़ी है रेडियो जॉकी। यही एमएम चैनल की जान होता है और उसके हिट या फ्लॉप होने का कारण भी।

रेडियो जॉकी के रूप में सफलता का दारोमदार किसी रेडियो की बजाय व्‍यक्ति की पर्सनल स्किल्‍स पर होता है। कड़ी महेनत, प्रेजेंस ऑफ मांइड और बेहतर कम्‍यूनिकेशन सिक्‍लस इस पेशे की अहम शर्ते हैं। जो युवा इस फील्‍ड में करियर बनाना चाहते हैं, उन्‍हें लोगों से घुलने-मिलने का शौक होना चाहिए। उनकी कम्‍युनिकेशन स्किल्‍स इस हद तक डेवलेप होनी चाहिए कि लिसनर्स के तमाम अटपटे सवालों का जवाब दे सकें और माहौल को बोझिल न होने दें। रेडियो जॉकी को आमतौर पर लाइव शो होस्‍ट करने पड़ते हैं।
इसलिए उनकी आवाज में लाइव इफेक्‍ट नजर आना चाहिए। आवाज ऐसी हो, जो दिल को छू जाए। आरजे एस्‍पायरेंट्स को रेडियो पर अलग-अलग चैनल सुनने चाहिए, जिससे उन्‍हें आरजे के काम करने के तरीके की जानकारी हो सके। लेकिन किसी का स्‍टाइल कॉपी करने की बात न सोंचे
योग्यता
रेडियो जॉकी, टैलंट बेस्‍ड फील्‍ड है, इसलिए इस फील्‍ड में करियर बनाने के लिए किसी प्रोफेश्‍नल डिग्री की जरूरत नहीं पड़ती। फिर भी डिग्री को प्रिफरेंसस मिल सकती है। आमतौर पर चैनल्‍स ग्रैजुएट या कम से कम इंटरमीडिएट पास युवा चाहते हैं कि रेडियो जॉकी की उम्र आमतौर पर 18 से 35 साल के बीच होनी चाहिए। चूकिं रेडियो पर फिल्‍मी गीतों के प्रोग्राम सबसे ज्‍यादा पंसद किए जाते हैं, इसलिए आरजे को म्‍यूजिक की बेसिक नॉलेज होनी ही चाहिए। नई पुरानी फिल्‍मों और उनके गानों के बारे में जानकारी रखना भी जरूरी है। लेकिन भाषा के शब्‍दों का ज्ञान, सही उच्‍चारण, आवाज के उतार-चढ़ाव की कला आरजे बनने की बेसिक जरूरते हैं। आपकी आवाज मशीनों से गुजरकर लोगों तक पहुंचेगी, इसलिए आपको थोड़ा सा टेक्निकल भी होना पड़ेगा। एक रेडियो जॉकी को रेडियो इक्विपमेंट्स और कंप्‍यूटर्स के बारे में भी जानना चाहिए।

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