मंदी की मार से बेअसर है रिटेल इंडस्ट्री


अपने उत्पादों को बेचना और उनकी मार्केटिंग करना लगभग सभी कंपनियों का मुख्य कार्य होता है। इन कार्यों के लिए बड़ी और छोटी कंपनियों को योग्य प्रोफेशनल्ज की आवश्यकता पड़ती है, जो सेल्ज, मार्केटिंग, प्रोडक्ट प्रोमोशंज, विज्ञापन और पब्लिक रिलेशंज इत्यादि का कार्यभार संभाल सकें। ये सारे काम सेल्ज और मार्केटिंग मैनेजर्स के द्वारा किए जाते हैं।  आर्थिक मंदी की मार से जहां एक ओर तमाम सेक्‍टर्स में हाहाकार मचा है, वहीं रिटेल इंडस्‍ट्री आज भी मंदी की मार से कहीं न कहीं सुरक्षित नजर आ रही है। मॉल्‍स में और रिटेल शॉप पर लगने वाली भीड़ साबित करती है कि मंदी के असर से यह इंडस्‍ट्री बेअसर है। यही वो कारण है, जिसके चलते आज भी इस फील्‍ड में एक्‍सपर्ट्स की मांग उसी तरह से बनी हुई है, जैसी साल भर पहले थी। आज भी तमाम रिटेल कंपनियां मार्केट मैनेजमेंट के माहिरों को हाथोंहाथ अपने यहां नौकरी पर रखने को तैयार हैं। रिटेल बिजनेस के इसी चार्म के चलते युवाओं के बीच इसका क्रेज कम नहीं हो पा रहा है।
अगर आप भी रिटेल बिजनेस में अपने कैरियर की राह तलाश रहे हैं तो बीए मार्केट मैनेजमेंट एंड रिटेल बिजनेस का कोर्स करने के लिए दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय का रुख कर सकते हैं। यह कोर्स अपने आप में टू इन वन कोर्स है, जो आपको मार्केट मैनेजमेंट के गुर सिखाने के साथ-साथ रिटेल बिजनेस की एबीसीडी से भी अवगत कराता है, जिसके माध्‍यम से आप रिटेल सेक्‍टर में कंपनी की जरूरत के अनुसार किसी भी काम को आसानी से अंजाम देने के काबिल हो जाते हैं।
कोर्स का स्वरूप
बीए मार्केट मैनजमेंट एंड रिटेल बिजनेस के तीन वर्षीय इस पाठ्यक्रम में विश्‍वविद्यालय की ओर से इस फील्‍ड से संबंध रखने वाली उन बारीकियों से छात्रों को अवगत कराया जाता है, जिनके आधार पर वो भविष्‍य में अपने काम को बखूबी अंजाम दे पाते हैं। भाषा ज्ञान के साथ-साथ प्रथम वर्ष में मार्केट मैनेजमेंट के कान्‍सेप्‍ट और उसके प्रयोग से छात्रों को अवगत कराया जाता है। इसी के साथ प्रिंसीपल ऑफ माइक्रो इकोनॉमिक्‍स का ज्ञान भी छात्रों को दिया जाता है। दूसरे साल में कंप्‍यूटर फंडामेंटल, सॉफ्टवेयर पैकेजिंग एंड कम्‍यूटराइज्‍ड एकाउंटिंग के साथ-साथ बिजनेस कम्‍युनिकेशन, एडवर्टाइजिंग एंड सेल्‍स प्रमोशन सहित ट्रेड प्रोसिजर प्रैक्टिस की जानकारी छात्रों को उपलब्‍ध कराई जाती है। यह साल इस कोर्स के लिए बेहद महत्‍वपूर्ण होता है। तीसरे व अंतिम वर्ष में ऑर्गनाइजिंग रिटेल ट्रेडिंग रिटेड भारतीय नीतियों की जानकारी छात्रों को दी जाती है, जिसे पा लेने के बाद वो इस फील्‍ड में काम करने के लिए इस कोर्स के तहत छात्रों के लिए व्‍यावहारिक ज्ञान का भी प्रबंध किया जाता है।
उपलब् सीटें दाखिला प्रक्रिया
दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय की ओर से उपलब्‍ध कराए जा रहे बीए मार्केट मैनेजमेंट एंड रिटेल बिजनेस के तहत केवल 50 सीटें ही उपलब्‍ध हैं। दाखिले के लिए उम्‍मीदवारों का चुनाव मैरिट लिस्‍ट के आधार पर किया जाता है। मैरिट लिस्‍ट प्रवेश परीक्षा और आपके बारहवीं में अर्जित किए गए अंकों के आधार पर बनती है। न्‍यूनतम शैक्षणिक योग्‍यता की बात की जाए तो आवेदन के इच्‍छुक छात्रों के लिए न्‍यूनतम योग्‍यता बारहवीं में 40 फीसदी अंकों के साथ पास होना है।
कोर्स की अवधि
बीए मार्केट मैनेजमेंट एंड रिटेल बिजनेस एक वोकेशनल कोर्स है, जिसे तीन साल की अवधि में पूरा किया जा सकता है, इस कोर्स के तहत छात्रों के व्‍यावहारिक ज्ञान पर भी विशेष ध्‍यान दिया जाता है।
रोजगार की संभावनाएं
उन कोर्स को करने के बाद आप मौजूदा जॉब सेक्‍टर की सबसे हॉट इंडस्‍ट्री रिटेल इंडस्‍ट्री में काम करने के काबिल हो जाते हैं। आप इस कोर्स को करने के बाद किसी भी रिटेल हाउस में मैनेजमेंट व रिटेल ऑपरेशन के मोर्चे पर मिलने वाली अहम जिम्‍मेदारी का निर्वाह कर सकते हैं। अनुभव और बेहतर प्रदेर्शन के बूते आप चंद सालों में ही रिटेल स्‍टोर मैनेजर की पोस्‍ट तक पहुंच सकते हैं, जिसके तहत आपकी सैलरी 30 हजार से लेकर तीन लाख रुपए तक कुछ भी हो सकती है।
संस्थान
कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्‍टडीज, शेख सराय, फेस-टु,
नईदिलली

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