धर्म कर्म

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के पाठ से मिलती है अथाह सम्पत्ति

श्रावण मास आरंभ हो गया है। शास्त्रों में इस माह का बहुत वर्णन है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस माह में शिव की आराधना मनुष्य के तमाम तरह के कष्टों को दूर कर देती है। श्रावण मास में दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के नियमित पाठ से मनुष्य को अथाह संपत्ति प्राप्त होती है और उसे जीवन में कभी भी दरिद्रता का दुख नहीं झेलना पड़ता।

शास्त्रों के अनुसार सांसारिक सुखों का आधार शिव ही हैं तथा शिव की उपासना से तन, मन व धन से जुडी कामनाओं में आने वाली बाधाओं दूर हो जाती है अत: स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति   के लिए सावन के महीने में दारिद्रय दहन स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए | शास्त्रों के अनुसार दरिद्रता एक अभिशाप है । शास्त्रों में अनेक अनुष्ठान और स्तोत्र ऐसे बताये गए है जिनके नियमानुसार पाठ कराने से दरिद्रता दूर हो जाती है । श्रावण मास में भगवान शिव का अभिषेक करने व साथ में 'दारिद्रय दहन स्तोत्र' का पाठ करने से मनुष्य को स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। श्रावण मास में सोलह सोमवार के व्रत की भी बहुत महिमा बताई गई है। श्रावण मास के दौरान सोमवार का व्रत करने और नियमित रूप से दारिद्रय दहन स्तोत्र का पाठ किसी भी व्यक्ति के जीवन में आए सभी प्रकार के कष्टों को दूर कर उसे धन संपत्ति प्रदान करते हैं।

विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय कर्णामृताय

शशिशेखराय धारणाय कर्पूरकांति धवलाय जटाधराय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय...।1।

गौरी प्रियाय रजनीश कलाधराय कालान्तकाय

भुजंगाधिप कंकणाय गंगाधराय गजराज विमर्दनाय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय...।2।

भक्ति प्रियाय भवरोग भयापहाय

उग्राय दुर्गमभवसागर तारणाय

ज्योतिर्मयाय गुणनाम सुनृत्यकाय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय...।3।

चर्माम्बराय शवभस्म विलेपनाय

भालेक्षणाय मणिकुंडल मण्डिताय

मंजीर पादयुगलाय जटाधराय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय....।4।

पंचाननाय फणिराज विभूषणाय

हेमांशुकाय भुवनत्रय मण्डिताय

अनन्त भूमि वरदाय तमोमयाय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय...।5।

भानुप्रियाय भवसागर तारणाय

कालान्तकाय कमलासन पूजिताय

नेत्रत्रयाय शुभलक्षण लक्षिताय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय...।6।

रामप्रियाय रघुनाथ वर प्रदाय

नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय

पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय...।7।

मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय

गति प्रियाय वृषभेश्वर वाहनाय

मातंग चर्मवसनाय महेश्वराय

दारिद्रय दु:ख दहनाय नम: शिवाय...।8।

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Title: daridraya dahana shiva stotram in sanskrit | In Category: धर्म कर्म  ( dharm karam )

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