धर्म कर्म

रुद्राक्ष धारण करना बदल सकता है किसी का भी जीवन

रूद्राक्ष का दर्शन करना लाभकारी होता है परन्तु यदि आप दर्शन करने के बाद प्रतिदिन जल भी चढ़ाएं तो घर में सुख शांति बनी रहती है क्योंकि ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा आप पर बनी रहती है ।

मान्यता है कि ओंकारेश्वर मंदिर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ साथ रूद्राक्ष के वृक्ष का दर्शन करने का बहुत महत्व है । माना जाता है कि रूद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शंकर के आंसुओं से हुआ है यही कारण है कि भगवान शिव की पूजा में रूद्राक्ष की माला का प्रयोग किया जाता है। रुद्राक्ष को भगवान शंकर का आशिर्वाद भी माना गया है | लोगों को ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा पाठ करने के साथ साथ ओंकारेश्वर के दरवाजे के पास लगे हुए रुद्राक्ष के पेड़ कि पूजा जरूर करनी चाहिए ।

  • घर से भागे प्रेमियों को मिलती है यहां पर शरण
  • रुद्राक्ष एक फल का बीज है। रुद्राक्ष के पहनने या अपने पास रखने से लोगों के अंदर पॉजीटिव एनर्जी आती है, अत: शिवभक्तों के लिए इसका पूजन करना लाभकारी होता है। रुद्राक्ष  कई प्रकार के होते है और उनके फायदे भी अलग अलग होते है |
  • जैसे एकमुखी रुद्राक्ष को भगवान शंकर का प्रतीक माना जाता है तथा इसे धारण करने के बाद मनुष्य सभी प्रकार के भौतिक सुख व शांति को प्राप्त करता है।
  • दो मुखी रुद्राक्ष शिवपार्वती का प्रतीक होता है तथा इसे धारण करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं तथा जीवन में सुख समृद्धि और शरीर को कांति बढती है। तीनमुखी रुद्राक्ष अग्नि का प्रतीक होता है तथा इसे पास रखने से  सुख शांति ऐशोआराम कि प्राप्ति होती है ।
  • चारमुखी रुद्राक्ष पन्चदेव का सूचक होता है तथा यह धन, धर्म, काम और मोक्ष देता है।
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Title: importance of rudraksha in hindi | In Category: धर्म कर्म  ( dharm karam )

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