ज्योतिष

जन्मकुंडली के नवम भाव में स्थित शनि का फल (Saturn in Ninth House in Birth Chart)

वैदिक ज्योतिष में कुंडली के नौवे घर को धर्मस्थान या धर्मभाव के नाम से जाना जाता है। इस भाव से जातक के पूर्व जन्मों में संचित अच्छे या बुरे कर्मों के मिलने वाले फलों के बारे में बताया जाता है। कुंडली के नौवे घर को भाग्य स्थान भी कहा जाता है क्योंकि किसी भी जातक के जीवन में उसका भाग्य बहुत महत्वपूर्ण होता है।

कुछ ज्योतिषीय ग्रंथों में कुंडली के नौंवे घर को पित्र स्थान भी माना गया है, यहां पर बुरे ग्रहों का प्रभाव जातक की जन्म कुंडली में पितृदोष उत्पन्न करता है जिससे जातक जीवन भर संघर्ष करता रहता है। इस घर पर शुभ ग्रहों की दृष्टि जातक को धार्मिक तो बनाती ही है उससे बहुत से धर्म के काम भी करवाती हैं। जातक की आध्यात्मिक प्रवृत्ति भी इसी घर से पता चलती है। आइए खुलासा डॉट इन में जानते हैं शनि ग्रह नौंवे घर में विराजमान होने पर जातक को कैसा फल प्रदान करते हैं।

जन्मकुंडली के नौंवे घर में शनि के फल

माना जाता है कि जिस भी जातक की कुंडली में शनिदेव नौंवे घर में विराजमान हो ऐसे जातक को शनि के मिलेजुले फलों की प्राप्ति होती है। ऐसा जातक धार्मिक और भ्रमणशील होता है। शनि की यह स्थिति जातक से बहुत से शुभकर्म करवाती है जिससे जातक का इहलोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं।

जन्मकुंडली के नवम भाव में स्थित शनि का फल (Saturn in Ninth House in Birth Chart) Shani (Saturn) Ninth house In Birthchart In Hindi

जन्मकुंडली के नवम भाव में स्थित शनि का फल

वैदिक ज्योतिष में माना गया है कि जिन जातकों की कुंडली के नौंवे भाव में शनि विराजमान होते हैं ऐसे जातक आमतौर पर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र होते हैं। ऐसे जातक स्वभाव से निर्मल और जहां तक संभव हो अन्य लोगों की मदद करने वाले होते हैं। इनके मन में लोगों के लिए परोपकार की भावना भरी होती है।

शनि की यह स्थिति जातक को आध्यात्मिकता प्रदान करती है। जातक ध्यान, साधना और विशेष प्रकार की पूजाओं में गहरी रुचि लेता है। ऐसा जातक ज्योतिष और अन्य प्रकार की तांत्रिक विधाओं में भी हस्तसिद्ध हो सकता है।

जन्मकुंडली के नौंवे घर में स्थित शनि जातक को अनेक प्रकार की तीर्थयात्राएं करवाते हैं जिससे जातक को बहुत पुण्य की प्राप्ति हेाती है। ऐसे जातकों को अपने जीवन में बहुत प्रसिद्धि मिलती है और उनके मरणोपरांत भी लोग उनके अच्छे कामों को याद करते हैं। कुंडली में शनि की स्थिति कई बार मलेच्छ लोगों द्वारा भी कई प्रकार के लाभ प्राप्त कराने में सहायक होती है। ऐसे जातकों को जहां तक संभव हो अभिमान से बचना चाहिए और कभी भूल कर भी किसी का तिरस्कार नहीं करना चाहिए। ऐसे जातक वकील, शिक्षक या ज्योतिषी के रूप में काफी यश प्राप्त करते हैं।

 

कुंडली के अन्य भावों में शनि का फल देखें

जन्मकुंडली के प्रथम भाव में शनि का फल (shani in 1st house in kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के द्वितीय भाव में शनि का फल (Shani in 2nd house in Kundli(Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के तृतीय भाव में शनि का फल (Shani in 3rd House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के चतुर्थ भाव में शनि का फल (Shani in 4th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के पंचम भाव में शनि का फल (Shani in 5th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के षष्ठ भाव में शनि का फल (Shani in 6th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के सप्तम भाव में शनि का फल (Shani in 7th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के अष्टम भाव में शनि का फल (Shani in 8th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के दशम भाव में शनि का फल (Shani in 10th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के एकादश भाव में शनि का फल (Shani in 11th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के द्वादश भाव में शनि का फल (Shani in 12th House in Kundli (Vedic Astrology))
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Title: shani saturn ninth house in birthchart in hindi

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