ज्योतिष

जन्मकुंडली के दशम भाव में स्थित शनि का फल (Saturn in Tenth House in Birth chart)

वैदिक ज्योतिष में कुंडली का दसवां घर बहुत महत्वपूर्ण है इसे कर्मस्थान या कर्मभाव के नाम से भी जाना जाता है। कुंडली का दसवां घर मुख्यत: व्यवसाय में आने वाले उतार चढ़ाव को दर्शाता है। इस भाव से पता चलता है कि जातक अपने जीव में कितनी सफलता या असफलता हासिल कर सकता है। किसी जातक की कुंडली में यदि दसवां घर बलवान है या इस घर पर शुभ ग्रहों की दृष्टि है तो ऐसा जातक व्यवसायिक जीवन में बहुत सफलता प्राप्त करता है।

किसी जातक की कुंडली में दसवां घर उसे प्राप्त होने वाले यश या अपयश का भी कारक माना जाता है। यहां उपस्थित शुभग्रह जातक को सरकारी नौकरी में उच्च पद पर बिठा सकते हैं और अगर यहां किसी क्रूर ग्रहों का प्रभाव हो तो जातक गैरकानूनी कामों में संलप्ति हो सकता है। जिससे जातक की बदनामी भी हो सकती है। आइए खुलासा डॉट इन में जानते हैं कुंडली के दसवें घर में विराजमान शनि जातक को कैसा फल प्रदान करते हैं।

जन्मकुंडली के दसवें घर में स्थित शनि का फल

जन्मकुंडली के दशम भाव में स्थित शनि का फल (Saturn in Tenth House in Birth chart) Shani (Saturn) Tenth house In Birthchart In Hindi

जन्मकुंडली के दशम भाव में स्थित शनि का फल

ज्योतिषीय धर्मग्रंथों में माना जाता है कि दसवें घर में विराजमान शनि जातक को पुण्यात्मा बनाता है। जातक जीवन भर धर्म के कामों में रुचि लेता है और लोग इनसे बहुत प्रेम करते हैं। ऐसे जातकों का यश चारों ओर फैलता है। शनि की इस स्थिति के लिए कहा जाता है कि ये जातक को सन्यासी, धर्मप्रवर्तक या ज्योतिषी बनाती है। जिससे चहुं ओर जातक की ख्याति फैल जाती है।

दसवें घर में शनि होने से जातक अत्याधिक महत्वकांक्षी भी होता है और जातक में नेतृत्व के गुण भी होते हैं ऐसे जातक नगर गांव या जनसमूह के नेता भी हो सकते हैं। ऐसे जातक बहुत पराक्रमी होते हैं और अपने पराक्रम के बल पर जीवन में खूब सारी सफलताएं अर्जित करते हैं।

शनि की यह स्थिति जातक के नम्र स्वभाव को भी प्रदर्शित करती है और जातकों विदेशों में राजप्रसादों में निवास करने का मौका मिलता है और जातक लड़ाई झगड़ों और युद्ध में विजयी रहते हैं। ऐसे जातक राजकीय कार्यों में निपुण होते हैं और ये न्यायधीश या मजिस्ट्रेट भी बन सकते हैं। ऐसे जातकों को अपनी जीविका का सुख धीरे धीरे मिलता है और ये अपने कार्यक्षेत्र में शनै शनै प्रगति करते हैं।

ज्योतिषीय ग्रंथों में माना जाता है कि चूंकि ऐसे जातकों में नेतृत्व की क्षमता कूट कूट कर भरी होती है इसीलिए ऐसे जातक श्रेष्ठ शासक भी साबित होते हैं।

 

 

कुंडली के अन्य भावों में शनि का फल देखें

जन्मकुंडली के प्रथम भाव में शनि का फल (shani in 1st house in kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के द्वितीय भाव में शनि का फल (Shani in 2nd house in Kundli(Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के तृतीय भाव में शनि का फल (Shani in 3rd House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के चतुर्थ भाव में शनि का फल (Shani in 4th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के पंचम भाव में शनि का फल (Shani in 5th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के षष्ठ भाव में शनि का फल (Shani in 6th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के सप्तम भाव में शनि का फल (Shani in 7th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के अष्टम भाव में शनि का फल (Shani in 8th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के नवम भाव में शनि का फल (Shani in 9th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के एकादश भाव में शनि का फल (Shani in 11th House in Kundli (Vedic Astrology))
जन्मकुंडली के द्वादश भाव में शनि का फल (Shani in 12th House in Kundli (Vedic Astrology))
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Title: shani saturn tenth house in birthchart in hindi

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