धर्म कर्म

दस गुना ज्यादा लाभ मिलता है सावन माह में महामृत्युंजय मंत्र के जप से

पुराणों में महामृत्युंजय मंत्र के महात्मय का विस्तार से वर्णन है। चन्द्रमा को महामृत्यंजय मंत्र की कृपा से कोढ़ से मुक्ति मिली थी। खुलासा डॉट इन में जानिए महामृत्यंजय मंत्र की महिमा

महामृत्युंजय मंत्र :

ॐ ह्रौं जूं सः।

ॐ भूः भुवः स्वः।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌।

स्वः भुवः भूः ॐ। सः जूं ह्रौं ॐ॥

 

महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु को टाला जा सकता है, परन्तु श्रावण मास में महामृत्युंजय मंत्र का जाप 10 गुना अधिक फलदायी हो जाता है । यदि स्नान करते समय इस मंत्र का जप किया जाए तो स्वास्थ्य में लाभ होता है । यौवन की सुरक्षा हेतु दूध को निहारते हुए इस मंत्र का जप करने के बाद वही दूध पीना चाहिये |

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी महारोग या किसी भी प्रकार की बीमारी से मुक्ति पाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से आपको रोगों से मुक्ति मिल सकती है। लगातार धन के नुकसान से उभरने के लिए इस मन्त्र का जाप असरदार होता है |

संतान प्राप्ति के लिए सवा लाख महामृत्युंजय मन्त्र का जाप करवाना लाभप्रद साबित होता है।

 

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Title: mahamrityunjaya mantra in hindi | In Category: धर्म कर्म  ( dharm karam )

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