धर्म कर्म - बड़ी खबरें

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धर्म और समाज की रक्षा के लिए की खालसा पंथ की स्थापना

गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरू हैं। इनका जन्म पौष सुदी 7वी सन 1666 को पटना में माता गुजरी जी तथा पिता श्री गुरु तेगबहादुर जी के घर हुआ। उस समय गुरु तेगबहादुर जी बंगाल में थे। उन्हीं के वचनोंनुसार गुरुजी का नाम गोविंद राय रखा गया, और सन 1699 को बैसाखी वाले […]
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मां सरस्वती की वंदना का पर्व है वसंत पंचमी

भारतीय संस्कृति में ऋतुओं का अपना विशेष महत्व है। अलग-अलग ऋतुओं को हमारे जन-जीवन, पर्वों व धर्मिक मान्यताओं से जोड़ा जाता है। वसंत ऋतु का भी अपना महत्व है। वसंत ऋतु में पंचमी तिथि का अपना ही पौराणिक व साहित्यिक महत्व है। सरस्वती देवी को विद्या, ज्ञान, वाणी, संगीत व बुद्धि की देवी माना जाता […]
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रिश्तों की मधुरता का त्यौहार हौ लोहड़ी

यूं तो भारतवर्ष त्यौहारों का ही देश है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अलग-अलग प्रांतों में अनेकों त्यौहार बड़ी ध्ूम-धम से मनाए जाते हैं। लेकिन लोहड़ी का त्यौहार पूरे भारत में ही किसी न किसी रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी प्रतिवर्ष मकर सक्रांति से एक दिन पूर्व 13 जनवरी को […]
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सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है मकर सक्रांति

भारतवासियों के हिंदू ध्र्म का प्रमुख त्यौहार है मकर संक्रान्ति। यह पर्व पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। यह कहा जाता है कि पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तब इस संक्रांति को मनाया जाता है। यह त्यौहार जनवरी माह की चैदह तारीख को मनाया जाता […]
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खेती पर आधारित त्यौहार है पोंगल

पोंगल का त्योहौर कृषि एवं पफसल से संबधित देवताओं को समर्पित है। इस त्यहौर का नाम पोंगल इसलिए है क्योंकि इस दिन सूर्य देव को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है वह पोगल कहलता है। तमिल भाषा में पोंगल का एक अन्य अर्थ निकलता है अच्छी तरह उबालना। दोनों ही रूप में देखा जाए तो […]