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इस सावन में भूलकर भी न करें ये काम, शिव हो जाएंगे नाराज

 

सावन का महीना 10 जुलाई से शुरु हो कर 7अगस्त को सावन मास की पूर्णिमा यानि रक्षाबंधन के दिन समाप्त हो रहा है | शास्त्रों में मान्यता है कि सावन का महीना भगवान शिव का महीना होता है, क्योंकि इस महीने में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं, इसी कारण इस महीने में भगवान शिव ही पालनकर्ता होते हैं और वहीं भगवान विष्णु के भी कामों को देखते हैं अत: सावन के महीने में त्रिदेवों की सारी शक्तियां भगवान शिव के पास ही होती है। आपको बताते है कुछ ऐसे काम, जिन्हें सावन में करने से भगवान शिव अप्रसन्न हो जाते हैं।

वैसे घर में कभी कलह नही होना चाहिए मगर सावन के महीने में किसी भी तरह का कलह नही होना चाहिए, जीवनसाथी के साथ खट-पट, वाद-विवाद और अपश्‍ब्दों का प्रयोग हान‌िकारक होता है, इन द‌िनों श‌िव-पार्वती की पूजा-अर्चना से दांपत्य जीवन में प्रेम और तालमेल बढ़ता है, इसल‌िए क‌िसी बात से मन-मुटाव की आशंका होने पर श‌िव-पार्वती की पूजा-अर्चना करनी चाह‌िए ।

सावन में मांस, मद‌िरा के सेवन से परहेज बेहद जरुरी है क्योंकि भगवान श‌िव सावन में व‌िष्‍णु जी के कार्य का भी संचालन करते हैं, इसल‌िए  सावन का दूसरा मतलब सात्व‌िकता होता है,  सावन में मांस, मद‌िरा के परहेज से मन शांत और क्रोध पर न‌ियंत्रण रखना आसान होता है ।

इस महीने में भगवान श‌िव का दूध से अभ‌िषेक किया जाता है क्योंकि सावन में दूध से वात संबंधी दोष होने की सम्भावना होती है इसलिए सावन के महीने में दूध का सेवन अच्छा नही माना जाता है |

बैंगन को अशुद्ध माना गया है अत: इस महीने में बैंगन नहीं खाना चाह‌िए और इसी कारण से  द्वादशी, चतुर्दशी के द‌िन और कार्त‌िक महीने में भी बैंगन खाने की मनाही है।

शास्त्रों के अनुसार सावन में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करके श‌िव का जलाभ‌िषेक करने से इस कई जन्मों के पाप का प्रभाव कम हो जाता है परन्तु  देर तक सोने से और देर से उठने के कारण ये अवसर हाथ से निकल जाता है और आप शिव-कृपा पाने से वंच‌ित रह जाते हैं।

मान्यतानुसार, इस महीने में श‌िव भक्तों का अपमान कभी नही करना चाहिए क्योंकि यह महीना श‌िव जी का महीना होता है । इसी वजह से कई लोग कांवड़‌ियों की सहायता करते हैं क्योंकि श‌िव के भक्तों का सम्मान भी श‌िव की सेवा के समान ही फलदायी           होता है ।

शास्‍त्रों के अनुसार इस महीने में साग का सेवन भी उच‌ित नहीं माना जाता है क्योंक‌ि इससे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

सावन में सांढ़ अगर घर के दरवाजे पर आए तो उसे भगाने के बजाय कुछ खाने को दें, सांढ को मारना श‌िव की सवारी नंदी का अपमान माना जाता है,

क्रोध में क‌िसी को अपशब्द ना कहें और बड़े बुजुर्गों सम्मान करें।

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Title: shiva becomes angry with those who do these work in the month of savan

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