सावन के महीने में इस विधि से शिव पूजन से मिलता है लाभ


सावन का महीना शुरू हो चुका है, पुराणों में इस माह की बड़ी महिमा बताई गई है। इस माह में भक्तों को शिवकृपा सुलभ ही प्राप्त हो जाती है। ऐसे में यदि आप भी भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो इस प्रकार से पूजा करें और भूल कर भी ये सभी काम न करे –

इस साल सावन का महीना बेहद महत्वपूर्ण है इसलिए अगर शिव भक्त विधिपूर्वक पूजन करेंगे तो भगवान शिव मेहरबान होंगे और भगवान शिव भक्तो के सारे कष्ट हर लेंगे । इस वर्ष सावन का शुभारंभ 10 जुलाई को सुबह पांच बजकर 32 मिनट से शुरू होकर समाप्त भी सोमवार को हो रहा है। सावन का महीना सोमवार कृष्ण पक्ष प्रतिपदा और श्रावण शुक्ल पक्ष प्रतिपदा भी सोमवार से शुरू हो रहा है।

ज्योतिषयों का कहना है कि 26 वर्षो के बाद इस साल शिव महाजयंती योग भी सावन में ही बन रहा है । इस बार शिव महाजयंती योग बन रहा है क्योंकि इस वर्ष सावन का प्रारंभ और अंत सोमवार को होने के अतिरिक्त दोनों पक्षों की प्रतिपदा, सावन में पांच सोमवार और कन्या राशि में बृहस्पति है।

मोदीनगर के विख्यात ज्योतिष श्री चन्द्रशेखर शास्त्री के अनुसार शिव अराधना के लिए सावन का पूरा महीना विशेष होता है, लेकिन इस बार शिवभक्तों को प्रथम सावन सोमवार 10 जुलाई, दूसरा 17 जुलाई, तीसरा 24 जुलाई, चौथा सोमवार 31 जुलाई और 7 अगस्त को 5वां सोमवार होगा और इस तरह इस बार 5 दिन सावन सोमवार के व्रत रखने को मिलेंगे। । तीसरे सोमवार यानि कि 24 जुलाई को पुष्य नक्षत्र का योग भी है।

इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार भी सावन के आखिरी सोमवार यानि के 7 अगस्त को मनाया जायेगा । सुबह 10:30 बजे तक भद्रा काल होने के कारण राखी का शुभ समय सुबह 10:39 से दोपहर 1:53 तक होगा अत: भद्रा काल समाप्त होने और सूतक लगने के पूर्व ही बहनें अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। रक्षा सूत्र बांधने के लिए सुबह 10:39 के बाद और दोपहर 1:53 तक का ही मुहूर्त शुभ है।


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