भारत में है खजानों के भंडार, आज तक बना है रहस्य


भारत का हजारों सालों का गौरवमय इतिहास रहा है। एक जमाने में भारत सारे संसार में सोने की चिडि़या के नाम से मशहूर था, ये सिर्फ कहने के लिए नहीं है सच बात यह है कि भारत में एक समय में बहुत धन संपदा थी। इसी धन को देखकर विदेशियों ने सैकड़ों बार भारत पर आक्रमण किया और बहुत सा धन लूटकर भाग गए। सैंकड़ों बार लूटे जाने के बाद आज भारत में कई जगह ऐसे अनमोल खजानों के भंडार हैं जिनके बारे में रहस्य बना हुआ है। हम खुलासा डॉट इन में भारत के ऐसे ही मंदिरों में छिपे कुछ गुप्त खजानों के बारे में बताएंगे जिन्हें आज तक कोई ढूंढ नहीं पाया।

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केरल का पद्मनाभम मंदिरर : भारत के केरल राज्य के thiruvananthapuram में स्थित लाखों श्रृद्धालुओं की अराधना स्थली पद्मनाभस्वामी मंदिर (padma swamy temple) है, यह मंदिर तब चर्चा में आया जब इसके तहखाने में स्थित खजाने पर सरकार की नजर पड़ी। बताया जाता है कि इसके तहखाने से बेशकीमती खजाना निकला जिसकी कीमत करीब 22 अरब डॉलर आंकी गई। कहा जाता है कि इस पावन स्थली में भगवान विष्णु की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुयी थी, जिसके बाद राजा मार्तंड सिंह ने प्रतिमा के उद्गम स्थान पर एक बड़े मंदिर का निर्माण करवाया था । इस मंदिर में एक आश्चर्य की बात और है कि यहाँ तहखाने में सात दरवाजे हैं, मंदिर से खजाना निकलाने के दौरान सिर्फ छह दरवाजे ही खोले गए। सातवां दरवाजा आज भी बंद है। माना जाता है कि इस दरवाजे के अकूत संपदा भरी है। लेकिन मंदिर प्रशासन और लोगों की आस्था है कि इस दरवाजे की रक्षा एक नाग करता है और उसे खोलने पर किसी घोर विपत्ति का सामना करना पड़ सकता है। इसी आस्था और विश्वास को देखते हुए यह दरवाजा आज तक नहीं खोला गया।

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कृष्णा नदी का खजाना, जहां से मिला था कोहिनूर : दुनिया के सबसे बेशकीमती हीरे कोहिनूर, जो आज इंग्लैड की महारानी के ताज की शोभा बढ़ा रहा है, वो हीरा हैदराबाद के गोलाकुंडा से मिला था तथा यहाँ हीरे की बहुत बड़ी खदान भी पाई गयी थी । सबसे बड़े और सबसे दुर्लभ हीरे कोहिनूर को लूटने के लिये ना जाने कितनी बार विदेशी लोगों ने भारत पर आक्रमण किया।

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श्री मोक्कमबिका मंदिर, कर्नाटक : कर्नाटक के पश्चिमी घाट पर बने श्री मोक्कमबिका मंदिर को सबसे पुराने मंदिर के रूप में जाना जाता है। माना जाता है कि करोड़ों का खजाना यहां पर छुपा है | कहा जाता है कि इस मंदिर की मूर्तियों पर 100 करोड़ से अधिक के सिर्फ गहने ही चढ़े हैं तथा मंदिर की सालाना आय 17 करोड़ से भी अधिक है, परन्तु इसके रख रखाव में 35 करोड़ के लगभग का खर्चा आ जाता है। वहां के सभी लोगो का मानना है है कि इस मंदिर में कुबेर का खजाना छिपा हुआ है तथा एक नाग इस खजाने की रक्षा कर रहा है ।

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नादिर शाह का खजाना जो आज भी कहीं छिपा है भारत में : ईरानी शासक नादिर शाह ने सन् 1739 में इस शासक ने कई हजार सैनिकों के साथ राजधानी दिल्ली पर आक्रमण बोल दिया तथा कई हजारों निर्दोष लोगो की हत्या कर दी । भारत से कई बेशकीमती खजाने, कोहिनूर हीरे के साथ तख्त-ए-ताऊस तक भी लूट लिया था । ऐसा कहा जाता है कि भारत की अचूक संपदा को देख यहाँ खूब लूटमार की तथा नादिर शाह ने वापस लौटते वक्त अपने से जुड़े बड़े अफसर और सिपहसालारों से बचे हुए बाकि खजानों को भारत में ही कही छिपा दिया था । आज भी इस बेशकीमती खजाने को खोजा जा रहा है।

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बिहार की सोनभद्र गुफाओं में बेशकीमती खजाने के भंडार : ऐसा ही रहस्यमयी खजाना बिहार के राजगीर की चट्टानों में बनी गुफाओं में भी छुपा हैं, जिस तक पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं है। इस खजाने को लूटने के लिये अंग्रेजों ने कोशिश की, पर इस गुफा का कोई कुछ नही बिगाड़ पाया । माना जाता है कि ये गुफाएं तीसरी या चौथी सदी से यही मौजूद हैं व इन गुफाओं से होकर एक रास्ता राजा बिंबिसार के खजाने, जो आज तक ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है, तक पहुंचता है।

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