विश्व के बड़े आविष्कार जो पहले भारत में हुए फिर दुनिया ने अपनाए


सैंकड़ों वर्ष से बुद्धिजीवियों के बीच में इस बात को लेकर विवाद है कि पश्चिम ने संसार को विज्ञान दिया और पूरब ने संसार को धर्म दिया है। मगर बहुत से लोग ये नहीं जानते कि पूरब ने संसार को सिर्फ धर्म ही नहीं विशुद्ध विज्ञान भी दिया है। भारत के बिना संसार में न धर्म की ही कल्पना की जा सकती है और न विज्ञान की। भारतीय ऋषियों ने पूरी मानव सभ्यता को कुछ ऐसे सिद्धांत और आविष्कार दिए हैं जिनके बल पर आज के संसार का पूरा विज्ञान खड़ा है। भारत के मनीषियों द्वारा दिए गए जीरो और दशमलव के ज्ञान के बिना आज के संसार के विज्ञान की कल्पना करना मुश्किल है। खुलासा डॉट कॉम में हम भारतीय ऋषियों द्वारा संसार को दिए गए ऐसे ही कुछ आविष्कारों की बात करेंगे।

विमान का आविष्कार

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हमे पढाया जाता है कि सर्वप्रथम राइट ब्रदर्स ने विमान का आविष्कार किया था मगर सच ये है कि  ऋषि भारद्वाज के लिखे विमानशास्त्र में हवाई जहाज बनाने की तकनीक का वर्णन मिलता है, जो कि राइट ब्रदर्स से हजारों वर्ष पूर्व लिखी गयी थी । इस शास्त्र में कई तरीके के विमानों का वर्णन है | इसके अतिरिक्त स्कंद पुराण के खंड 3 अध्याय 23 में बताया गया है कि ऋषि कर्दम ने अपनी पत्नी के लिए एक विमान की रचना की थी जिसके द्वारा वो कही भी आ जा सकती थी | पुष्पक विमान जिसमें बैठकर रावण सीताजी को हर के ले गया था, उसका वर्णन भी रामायण में मिलता है ।

अगली स्लाइड में पढि़ए अस्त्र शस्त्र के अाविष्कार के बारे में

 

 

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