फेफड़ों की ताकत कम कर रहा है प्रदूषण डॉक्टरों ने दी घर से बाहर न निकलने की सलाह


गाजियाबाद। पिछले तीन दिन से वातावरण में प्रदूषण को चिकित्सक सेहत ही नहीं, जान को भी खतरा बता रहे हैं। उनकी सलाह है कि बिना वजह घर से बाहर मत निकलें और निकलना ही हो तो मुंह व नाक पर मास्क जरूर लगाएं। डॉक्टर कह रहे हैं कि वातावरण में मौजूद कार्बन को हल्के में लेने की भूल न करें।
यशोदा अस्पताल के एमडी डॉ. पीएन अरोड़ा ने खुलासा डॉट इन से हुई बातचीत में कहा कि प्रदूषित हवा से फेफड़ें इर्दगिर्द कार्बन जमा हो जाता है और सांस लेने के लिये ज्यादा ताकत लगानी होती है। यानि फेफड़ों पर दबाव बनता है। श्वास के मरीजों को ऐसे में ज्यादा तकलीफ होती है। दिल के रोगियों को भी दौरा पड़ने की गुंजाइश बनती है। अस्तपाल के चेयरमैन डॉ. दिनेश अरोड़ा ने कहा कि आंखों की रेटिना पर कार्बन जमा होने से न केवल दर्द होता है, बल्कि कन्जक्टीवाइटिस के रोग की गुंजाइश भी बन जाती है। सर्वोदय अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आशीषा शर्मा भी इस प्रदूषण को बेहद खतरनाक बताते हैं। उनका कहना है कि आंखों पर बिना चश्मा लगाए और मुंह व नाक पर बिना मास्क पहले बाहर निकलना ही नहीं चाहिए। उनके अनुसार हो सकता है कि इस प्रदूषण का आज असर न दिखाई दे, लेकिन सांसों के जरिये जो प्रदूषित तत्व भीतर जा रहे हैं, वे आने वाले दिनों में कई बीमारियां होने का प्रमाण देंगे। उन्होंने कहा कि सर्वोदय अस्पताल हो या कोई दूसरे हॉस्पिटल, प्रदूषण की वजह से सांस और दिल के रोगियों की आमद बढ़ रही है। आंखों के डॉक्टर भी खासे व्यस्त हैं।
इस बीच वातावतरण में प्रदूषण रविवार को दो दिन पहले से ज्यादा महसूस किया गया। पूरे दिन आसमान में धुंध छाई रही और सांस लेने में तकलीफ होने के साथ हर शख्स आंखों में दर्द होने की शिकायत करते नजर आया।

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