मेनोपॉज के बाद महिलाओं के ह्रदय रोग से बचाव के तरीके 


मेनोपॉज (मासिक धर्म के बंद होना ) के बाद महिलाओं में ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपॉज (मासिक धर्म के बंद होने) से पहले स्त्री हार्मोन एस्ट्रोजन की वजह से महिलाओं को कोरोनरी डिजीज से एक तरफ से सुरक्षा मिलती है लेकिन मासिक धर्म बंद होने पर हमारी ह्रदय रोग की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है | ह्रदय रोग के जोखिम को स्वस्थ जीवनशैली काफी हद तक कम करती है, खासतौर पर तब जब महिलाओं का मासिक धर्म बंद हो जाता है। यदि फिर भी किसी प्रकार का कोई भय है तो महिलाएं कुछ उपाय कर के इससे काफी हद तक छुटकारा पा सकती है –

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छोड़ें धुम्रपान की लत – धुम्रपान हमारी सेहत के लिए कितना खतरनाक होता है और जो लोग धुम्रपान करते हैं उन्हें हार्ट अटैक का खतरा दुगना हो जाता है | हमें जितना हो सके धुम्रपान से बचकर रहना चाहिए। यदि हम अन्य किसी तरह के तंबाकू का सेवन भी कर रहे है तो वो भी हार्ट अटैक का कारण बन सकता है, इसलिए इससे भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

वजन पर नियंत्रण – अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहिए, क्योंकि वजन जितना बढ़ता है, उतना ही वो ह्र्दय के लिए घातक होता है। ह्र्दय को शरीर में खून की आपूर्ति के लिए ज्यादा काम करना होगा और इस प्रकिया में उस पर दबाव बढ़ता है, जिससे हमें ह्र्दय रोग का सामना करना पड़ता है।

व्यायाम है जरुरी – ह्र्दय को स्वस्थ रखने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय नियमित रूप से व्यायाम करना है | दिन में कम से कम 30 मिनट तक तेजी से चलने या फिर सप्ताह में कम से कम पांच दिन खेल-कूद के गतिविधियों में हिस्सा लेने से ह्र्दय को स्वस्थ रखा जा सकता है | व्यायाम करने से वजन संतुलन में रहता है। इसके अतिरिक्त ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने में मदद मिलती है और इससे हमारे तनाव का स्तर भी कम होता है।

संतुलित आहार – अच्छा और पौष्टिक आहार खाना चाहिए। हमे पर्याप्त मात्रा में ताजे फलों का सेवन करना चाहिए और मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियों, सीमित मात्रा में वसा का सेवन करना चाहिए। बाहर के खाने और तले हुआ भोजन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

अन्य तरीके – मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रोल का स्तर ये सभी ह्र्दय संबंधित बीमारियों के लिए जाने जाते हैं। ह्र्दय रोग से बचने के लिए कुछ अन्य उपाय जैसे प्रभावी तरीके से रक्तचाप नियन्त्रण और कोलेस्ट्रोल स्तर को काफी कम रखने के साथ ही जीवनशैली से जुड़े आहार और व्यायाम आदि को अपनाना चाहिए।


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