साक्षात्कार

देश प्रेम के साथ अब पैसा भी महत्वपूर्ण हो गया है: जफर इकबाल

आपको नहीं लगता कि जैसे क्रिकेट में आईपीएल शुरू हुआ है, हाॅकी में भी कुछ इसी तरह की लीग शुरू होनी चाहिए ?

क्रिकेट में तो आइपीएल आज हो रहा है। यह तो पहले हमने हाॅकी में शुरू किया था। लोगों को मालूम होना चाहिए कि हमने उसके ‘एडीशन’ भी किए थे। ‘ईएसपीएन’ चैनल ने उसका लाइव टेलीकाॅस्ट भी किया था। लेकिन जब हाॅकी फेडरेशन को भंग किया गया और हाॅकी इंडिया को शुरू किया गया तो उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया।

आपके करियर के सबसे शानदार लम्हें कौन से हैं?

मेरा अपना दौर रहा है 8-10 साल का, मगर मैं इसका क्रेडिट सब साथियों को देना चाहूंगा। चाहे वह सोमैया हो या फर्नांडीज हो, शाहिद हो, रजिंदर सिंह हो। हमने बहुत मेहनत की, पर हम चैंपियन नहीं थे। हममे कमी जरूर थी, जिसकी वजह से हम कभी नंबर वन नहीं बन पाए, पर कोशिश हमारी हमेशा जारी रही। जितनी क्षमता हममे थी, वह हमने मैदान में दिखाई।

हाॅकी पर बनी फिल्म ‘चक दे इंडिया’ का आपका अनुभव कैसा रहा?

चक दे इंडिया को अभी भी लोग याद करते हैं। मेरे हिसाब से एक ‘बुस्टर’ के तौर पर उसने काम किया। इस फिल्म में आपको देखकर तो दर्शक बहुत उत्साहित हुए दरअसल हम लोगों से कहा गया था कि आप भी कुछ करके दिखाइए, तो जो स्वाभाविक होता है हमने उस कर के दिखाया। उन्होंने हमारा सिर्फ एक ही शाॅट लिया, दूसरा नहीं... बहरहाल हमें उम्मीद है कि हिंदुस्तान की टीम जरूर ऊपर आएगी, बशर्ते कि हम बिल्कुल प्रोफेशनल अंदाज में खेले।

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Title: interview of indian hockey team captioan zafar iqbal by sharad dutt in Hindi  | In Category: साक्षात्कार interview
शरददत्त

शरद दत्त

शरद दत्त जाने-माने फि‍ल्म-निर्माता/लेखक है। वह चार दशक से अधिक समय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ संबद्ध हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्तियों पर 100 से अधिक वृत्तचित्रों का निर्माण कि‍या है। स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोहों का 33 वर्षों तक सीधा प्रसारण प्रस्तुत किया। इनके अलावा महान संगीतकार अनिल विश्वास की ‘ऋतु आए ऋतु जाए’ शीर्षक से जीवनी। ‘कुंदन’ शीर्षक से कुंदललाल सहगल की जीवनी। और भी कई महत्वसपूर्ण पुस्तकों का लेखन-संपादन। स्वर्ण कमल पुरस्कार, सर्वोत्तम क्रिएटिव प्रोड्यूसर एवार्ड, दूरदर्शन एवार्ड, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार, शमशेर सम्मान आदि‍ कई पुरस्कारों से सम्मा्नि‍त।

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