आम आदमी के शायर थे अदम गोंडवी


‘धरती की सतह पर’ व ‘समय से मुठभेड़’ जैसे चर्चित गजल संग्रहों ने उन्हें हिंदीभाषी क्षेत्रों में काफी ख्याति और सम्मान दिलाया। वर्ष 1998 में मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें दुष्यंत कुमार पुरस्कार से नवाजा था। यह भी दुर्भाग्य है कि आम आदमी की बात करने वाले अदम गोंडवी अपने जीवन के अंतिम दिनों में लीवर सिरोसिस की बीमारी से पीड़ित थे, और 18 दिसम्बर 2011 को इस आम आदमी के कवि का निधन हो गया।

काजू भुने प्लेट में,
व्हिस्की गिलास में

काजू भुने प्लेट में व्हिस्की गिलास में
उतरा है रामराज विधायक निवास में
पक्के समाजवादी हैं, तस्कर हों या डकैत
इतना असर है खादी के उजले लिबास में
आजादी का वो जश्न मनाएं तो किस तरह
जो आ गए फुटपाथ पर घर की तलाश में
पैसे से आप चाहें तो सरकार गिरा दें
संसद बदल गई हैं यहां की नखास में
जनता के पास एक ही चारा है बगावत
यह बात कर रहा हूं मैं होशो-हवास में।

बेचता यूं ही नहीं है आदमी ईमान को

बेचता यूं ही नहीं है आदमी ईमान को
भूख ले जाती है ऐसे मोड़ पर इंसान को
सब्र की इक हद भी होती है तवज्जो दीजिए
गर्म रक्खे कब तलक नारों से दस्तरखान को
शबनमी होंठों की गर्मी दे न पाएगी सुकून
पेट के भूगोल में उलझे हुए इंसान को।

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