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स्वामी अग्निवेश की पिटाई : मुसलमानों के बाद अब आर्यसमाजी तो नहीं निशाने पर

क्या आज का हिंदू धर्म इतना कमजोर हो गया है कि उसे 79 साल के एक बजुर्ग आर्यसमाजी से खतरा होने लगा है या भारतीय जनता युवा मोर्चा के सो कोल्ड हिंदु धर्म के ठेकेदार धीरे धीरे फांसीवाद की ओर बढ़ रहे हैं जहां असहमति और दूसरे के विचारों के लिए कोई जगह नहीं। हर बात के लिए सिर्फ लात जूतों और मारपीट एक मात्र रास्ता है।

79 साल का एक बुजुर्ग आर्यसमाजी जिसने नोबेल जैसा सम्मानित माने जाने वाला राइट लाइवलीहुड अॅवार्ड प्राप्त किया। जीवन भर बंधुआ मजदूरों और गरीब तबकों की लड़ाई लड़ी, महर्षि दयानन्द सरस्वती के मार्ग पर चलकर जहां एक ओर हिंदु धर्म में व्याप्त कुरीतियों का विरोध किया वहीं समाज की कतार में सबसे अंत में खड़े व्यक्ति को आगे लाने का प्रयास किया। जी हां वहीं स्वामी अग्निवेश पिछले दिनों अस्तव्यस्त हालत में दिखे। मारपीट की जो तस्वीरें सामने आईं उनमें स्वामी अग्निवेश के सिर पर न पगड़ी थी और न पांव में जूते, और कुछ तथाकथित हिंदु धर्म के ठेकेदार उनपर लातघूंसों से प्रहार कर रहे थे। 79 साल का बुजुर्ग हाथजोड़कर उन्हें छोड़ने की प्रार्थना करता रहा पर भीड़ ने उनकी एक न सुनी।

क्या आज का हिंदू धर्म इतना कमजोर हो गया है कि उसे 79 साल के एक बजुर्ग आर्यसमाजी से खतरा होने लगा है या भारतीय जनता युवा मोर्चा के सो कोल्ड हिंदु धर्म के ठेकेदार धीरे धीरे फांसीवाद की ओर बढ़ रहे हैं जहां असहमति और दूसरे के विचारों के लिए कोई जगह नहीं। हर बात के लिए सिर्फ लात जूतों और मारपीट एक मात्र रास्ता है। या इसका मतलब ये निकाला जाए कि मुसलमानों के बाद अब हिंदु बिग्रेड के निशाने पर वे आर्यसमाजी होंगे जो हिंदु धर्म में व्याप्त कुरीतियों का समय समय पर विरोध करते रहे हैं।

क्या था मामला

एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में स्वामी अग्निवेश ने बताया कि मैं आदिवासियों के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पाकुड़ गया था जहां मुझे जल जमीन और जंगल विषय पर लिट्टीपाड़ा में सभा को संबोधित करना था, लेकिन जैसे ही मैं अपने होटल से निकला कुछ युवकों ने मुझ पर हमला कर दिया। मैं हाथ जोड़कर उन लोगों से बातचीत करने का निवेदन करता रहा लेकिन इन उग्र नौजवानों ने मेरी एक न सुनी। ये लोग गौमांस का समर्थन करने वाले भारत छोड़ों का नारा लगा रहे थे। मेरी समझ में नहीं आया कि मैंने कभी गौमांस का समर्थन नहीं किया था। स्वामी अग्निवेश ने बताया कि मैंने अपने कार्यक्रम की करीब बारह दिनों पहले ही मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर सूचना दे दी थी। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन सब को मेरे पाकुड़ कार्यक्रम की सूचना दी गई थी। लेकिन हमले के आधे घंटे बाद भी पुलिस का कोई जवान मौके पर नहीं पहुंचा। मैंने चीफ सेक्रेटरी से बात की, जिसके बाद एसपी और डीसी मौके पर पहुंचे।

कौन है स्वामी अग्निवेश

स्वामी अग्निवेश की पिटाई : मुसलमानों के बाद अब आर्यसमाजी तो नहीं निशाने पर Activist Swami Agnivesh Attacked By BJP Workers In Jharkhand | Swami Agnivesh Arya Samaj

स्वामी अग्निवेश

21 सितम्बर 1939 को छत्तीसगढ़ के सक्ति में जन्में स्वामी अग्निवेश ने कोलकाता में कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की। स्वामी अग्निवेश शिक्षक और वकील रहे हैं साथ ही उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में एंकर की भूमिका भी निभाई और रियलटी शो बिग बॉस में भी भाग लिया। आर्यसमाज में सन्यासग्रहण करने के बाद सन 1968 में स्वामी अग्निवेश ने राजनीतिक पार्टी बनाई जिसका नाम था आर्यसभा। बाद में 1981 में बंधुआ मुक्ति मोर्चा की स्थापना उन्होंने दिल्ली में की। स्वामी अग्निवेश ने हरियाणा से चुनाव लड़ा और मंत्री भी बने लेकिन मजदूरों पर लाठी चार्ज की एक घटना के बाद उन्होंने राजनीति से ही सन्यास ले लिया। साल 2011 में जनलोकपाल आंदोलन के समय अरविंद केजरीवाल पर धन के गबन का आरोप लगाने से भी स्वामी अग्निवेश चर्चा का कारण बने।

क्या मानी जा रही है स्वामी अग्निवेश पर हमले की वजह

माना जा रहा है है कि हमेशा से विवादों में रहने वाले स्वामी अग्निवेश समय समय पर मूर्तिपूजा और धार्मिक कुरीतियों का विरोध करते रहते हैं, उन्होंने कई बार ऐसी बातें खुले मंच से कहीं है जो सो कोल्ड हिंदु धर्म के ठेकेदार को नागवार गुजरी है। सोशल मीडिया पर कुछ दिनों पूर्व स्वामी अग्निवेश का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे यह कहते दिख रहे थे कि अमरनाथ गुफा में जमी बर्फ को शिवलिंग समझना सही नहीं है। माना जा रहा है कि स्वामी अग्निवेश के ऐसे ही विवादास्पद बयान उनपर हमले की बड़ी वजह बने।

शिकायत करे भी तो करे किससे

मजे की बात है कि जिस पार्टी की सरकार देश में और प्रदेश में है उसी पार्टी के शोहदों ने जय श्री राम के नारे लगाते हुए स्वामी जी की पिटाई की। लुटे पिटे स्वामी अग्निवेश ने मामले की शिकायत भी दर्ज करा दी, लेकिन क्या असल में इन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या एक बुजुर्ग आर्यसमाजी पर लात घूंसों की बौछार करने के उपलक्ष्य में इन लोगों का महिमामंडित किया जाएगा।

 

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Title: activist swami agnivesh attacked by bjp workers in jharkhand swami agnivesh arya samaj | In Category: खासखबर  ( khaskhabar )

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