मार्च महीने के जरूरी काम


मार्च महीने में गेहूं की फसल में दाने बनने लगते हैं। इस दौरान फसल को पानी की बहुत जरूरत होती है, इसलिए जरूरत के मुताबिक सिंचाई करें। अगर दिन में तेज हवा चल रही है, तो सिंचाई रात के समय करें। खेत में बीमारीग्रस्त बाली या पौधा दिखाई दे तो पूरा पौधा उखाड़ कर जला दें, ताकि बीमारी सेहतमंद पौधों को अपनी चपेट में न ले सके।

गन्ने की बोआई का काम इस महीने में पूरा कर लें। गन्ने की देर से बोआई करने पर पैदावार में गिरावट आती है। बोआई के लिए 3 आंख वाले गन्ने के टुकड़ों का इस्तेमाल करें, बीज सेहतमंद गन्ना फसल से ही लें और बीज के टुकड़ों को उपचारित कर के बाआई 60-70 सेंटीमीटर की दूरी पर कूंड़ों में करे। बोआई का काम शुगर केन प्लांटर मशीन से करें, तो ज्यादा बेहतर रहेगा। गन्ने के साथ दूसरी फसलें जैसे मूंग, उड़द, लोबिया, चारे वाली मक्का वगैरह को 2 कूंड़ों के बीच वाली जगह में बाआई करें, बोआई के लिए अपने इलाके की आबोहवा के अनुसार ही किस्मों का चुनाव करें।

जायद वाले मूंग की बोआई का काम इस महीने में पूरा करें। बोआई के लिए अच्छी उपज वाली किस्में जैसे पूसा बैसाखी, के-851, एसएसएल-668 वगैरह की बोआई करें, अगर खेत में नमी की कमी है, तो बोआई से पहले खेत का पलेवा कर दें, सही ओठ आने पर बोआई करें।

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श्री राम शर्मा

श्री राम शर्मा

पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान अख़बार से की। करीब 5 साल हिन्दुस्तान में सेवाएं देने के बाद दिल्ली प्रेस से जुड़े। यहां प्रतिष्ठित कृषि पत्रिका फार्म एन फूड में डिप्टी एडिटर के तौर पर करीब 8 साल काम किया। खेती-किसानी के मुद्दों पर देश के विभिन्न हिस्सों की यात्राएं करते हुए तमाम लेख लिखे। वे ऑल इंडिया रेडियो से भी जुड़े हुए हैं और यहां भी खेती-किसानी की बात को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रमुखता से उठाते रहते हैं। वर्तामान में डीडी न्यूज दिल्ली से जुड़े हुए हैं।

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