खेत खलिहान

लगाएं घर में उद्योग बनें उद्योगपति

हमारी मानसिकता बन गई है नौकरी-चाकरी करने की। आज का नौजवान घर में अच्छी-खासी खेती बारी होते हुए भी दूर शहर में किसी की मजदूरी या चाकरी करना पंसद करेगा, लेकिन खेत में थोड़ी सी मेहनत कर के शान का जीवन बसर करना कतई पसंद नहीं करता है।

आज तो सरकार ने भी गांवों के विकास के लिए तमाम योजनाएं चला रखी हैं। अगर आप खेत की मिट्टी में खुद को गंदा करना पंसद नहीं करते या आप को गाय भैंस के गोबर की बू पंसद नहीं तो कोई बात नहीं, घर में ही कोई छोटा मोटा काम शुरू कर के एक उद्यमी का जीवन जी सकते हैं।

ग्रामोद्योग यानी गांव में उद्योग योजना पर सरकार के कदम-कदम पर मदद कर रही है। फिर देर किस बात की, जगाइए अपने अंदर छिपे उद्यमी को और करें जीवन की नई शुरुआत।
यहां हम गांवों में लगाए जाने वाले छोटे-मोटे उद्योगों की जानकारी दे रहे हैं।

क्या है ग्रामोद्योगः

ऐसा कोई भी उद्योग जो गांव में लगा हो और बिजली या फिर बिना बिजली के कोई सामान तैयार करता हो या फिर सेवा देता हो, ग्रामोद्योग कहलाता है। इस में पैसा खर्च करने की लिमिट एक आदमी पर 50 हजार रुपए से ज्यादा की है।
इस का मतलब यह है कि 50 हजार या इस से ज्यादा रुपए खर्च कर के कोई आदमी गांव में कोई कामधंधा जैसे कोई चीज बनाना या सेवा देना शुरू करता है, वह ग्रामोद्योग कहलाता है।

इस का मकसद गांव के नौजवानों को रोजगार देना, बेचने लायक सामान तैयार करना, गांव के लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करना है।
इस के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम चला रखा है।

मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना:
इस योजना के तहत खादी आयोग की योजनाएं, नावार्ड के प्रोजेक्ट और लोकल चीजों के मुताबिक ग्रामोद्योग इकाइयों को 10 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाता है।
यह योजना गांवों में नौजवानों को रोजगार देने के लिए शुरू की गई है। इस योजना में बैंकों से 10 लाख तक पूंजी निवेश के लिए कर्ज ले कर काम शुरू किया जा सकता है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को बिना ब्याज कर्ज मिलता है और सामान्य वर्ग को 4 फीसदी ब्याज पर धनराशि उपादान यानी साजो-सामान के रूप में दी जाती है और उद्यमी को केवल 4 फीसदी ब्याज देना होता है।

खादी ग्रामोद्योग को 7 अलग-अलग भागों में बांटा गया है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: start your own business in house
श्री राम शर्मा

राम शर्मा

पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान अख़बार से की। करीब 5 साल हिन्दुस्तान में सेवाएं देने के बाद दिल्ली प्रेस से जुड़े। यहां प्रतिष्ठित कृषि पत्रिका फार्म एन फूड में डिप्टी एडिटर के तौर पर करीब 8 साल काम किया। खेती-किसानी के मुद्दों पर देश के विभिन्न हिस्सों की यात्राएं करते हुए तमाम लेख लिखे। वे ऑल इंडिया रेडियो से भी जुड़े हुए हैं और यहां भी खेती-किसानी की बात को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रमुखता से उठाते रहते हैं। वर्तामान में डीडी न्यूज दिल्ली से जुड़े हुए हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *