क्या आप रखती हैं हाइजीन का ख्याल?


पिछले दिनों हुए ग्लोबल हाइजीन काउंसिल के एक अध्ययन से पता चलता है कि लोगों में हाईजीन की या स्वास्थ्य विज्ञान की जानकारी के अभाव के अलावा जागरूकता की भी बहुत कमी है जो लोगों को संक्रमण व खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों की ओर ले जाती है। अध्ययन में यह पाया गया है कि भारतीय किचन में काम आने वाले 92 फीसदी चाॅपिंग बोर्ड्स, चाकू संक्रमित रहते हैं। साफ सफाई में काम आने वाले 100 फीसदी पोंछे व कपड़े संक्रमित पाए गए। सब्जियों और फलों में कीटाणुओं का संक्रमण पाया गया। 95 फीसदी किचन के नल संक्रमित पाए गए। केवल 60 फीसदी बच्चे लंच से पहले व बाद में अपने हाथ धोते हैं। केवल 44 फीसदी महिलाएं ही अपने बच्चों के लंचबाॅक्स को इस तरह साफ करती हैं कि वे संक्रमण रहित हो जाएं। केवल 37 फीसदी लोग ऐसे हैं जो दिन भर में 4-5 बार हाथ साबुन से धोते हैं। इसी संदर्भ में दिल्ली में हुई एक प्रेस वार्ता में ग्लोबल हाईजीन काउंसिल के लोगों ने महिलाओं में सफाई के प्रति जागरूकता लाने के लिए कुछ सुझाव पेश किए।

जब करें खाना तैयार
-सब्जियों व मीट काटने के लिए अलग-अलग चाॅपिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें।
सब्जी, फल व सलाद को अच्छी तरह से भिगोए, छीलें व काटें।
कभी भी सिंक में मीट को न धोएं क्योंकि यह पूरे सिंक एरिया में कीटाणुओं को फैलाने का काम करेगा।
खाने को कम से कम 5 डिग्री संेटीग्रेड पर ही फ्रिज में स्टोर करें।
कच्चे फलों का जूस खाने की चीजों पर न गिरे, इसका ध्यान रखें।
किसी भी तरह के मांस को पकाते समय 75 डिग्री सेंटीग्रेड या इससे ऊपर के तापमान का ख्याल रखें।
खाना पकाने के बाद उसे दो घंटे से ज्यादा समय के लिए कमरे के तापमान पर न छोड़ें
जो भी बचा हुआ खाना हो, उसे फ्रिज में रखेें। ऐसा न कर पाने पर उसे फेंक दें।
बचे हुए खाने का उपयोग करने से पहले उसे फिर से 75 डिग्री सेंटीग्रेड या इससे ऊपर के तापमान पर गर्म कर के केवल एक बार ही उपयोग में लें।
यदि खाना स्टोर करने के लिए आपके पास फ्रिज न हो तो फूड प्रिजर्वेटिव जैसे नमक का उपयोग करें या फिर ताजा भोजन तैयार करें।


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