महिला जगत

मेरी मां वेश्यावृति करती थी और अपनी मां पर मुझे गर्व है

(सेक्स वर्कर) जी हां, एक ऐसा शब्द जिसे सुनकर सभ्य समाज के लोग बेशक बगले झांकने लगते हैं। बंद कमरों में चाहे सेक्स को लेकर कैसी भी बात कर लें पर समाज के सामने किसी सेक्स वर्कर से बात करनी तो दूर उसके पास खड़े होने से भी लोगों को अपनी इज्जत जाने का डर होता है, ऐसे में अगर किसी सेक्स वर्कर की बेटी अपनी मेहनत और लगन से कुछ बनकर समाज के सामने खड़े होकर आंखों में आंख डालकर यह कहने की हिम्म्त करें कि हां मैं एक सेक्स वर्कर की बेटी हूं तो वास्तव में यह बात सराहनीय है।

जी हम बात कर रहे हैं 23 साल की तंजीला खातून की। जिनके लिए उनकी मां किसी भगवान से कम नहीं है। वो कहती हैं कि मैं अपनी मां को ही अपना भगवान मानती हूं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये सभ्य समाज मेरी मां के बारे में क्या राय रखता है। पर मेरी मां मेरी लिए मेरा खुदा, ईश्वर और परवरदिगार जो भी होता है सब कुछ है, और मेरी मां मेरा अभिमान है।

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तंजीला जो कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना में रहती हैं, को अपनी पढ़ाई सिर्फ इस वजह से छोड़नी पड़ी क्योंकि उसकी मां सेक्स वर्कर थी | एक दिन उसके स्कूल में पढने वाले किसी छात्र/छात्रा को जब यह पता चला कि तंजीला रेड लाइट एरिया में रहती  हैं, तो उसने यह बात पुरे स्कूल में फैला दी | सभी सहपाठी उसका मजाक उड़ाने लगे | तो किसी ने बेशर्मी की हद पार करते हुए ये तक पूछ डाला कि क्या वो उनके साथ सोएगी | बात सिर्फ भद्दी बातो तक सीमित नहीं रही, दुपट्टा व सलवार शरीर से खींचने तक जा पहुंची | जब वो न्याय मांगने अपने प्रिंसिपल के पास गयी तो प्रिंसिपल ने कहा कि वो शहर की अंधेरी, अय्याश गलियों से आती है अत: उसका स्कूल में होना दूसरे बच्चों पर बुरा असर डालेगा | एक अच्छी छात्रा होने के बावजूद, वो दिन तंजीला के लिए स्कूल का आखिरी दिन बन गया | उसने तय किया कि वो कभी वहां वापस नहीं जाएगी, मगर अपनी मां का सिर गर्व से ऊंचा करेगी |

तंजीला मुस्कराते हुए बताती है, “मैंने अपने पिता को कभी नहीं देखा | न ही मुझे उनके नाम की ज़रूरत है | मेरी मां का नाम रादिया है और मैं उनकी बेटी होने पर गर्व महसूस करती हूं |”

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चालीस से भी अधिक उम्र की रादिया जब तक कर सकती थीं, तब तक उसने वेश्यावृत्ति कर अपने बच्चों का पेट पाला, परन्तु अब वो दुकान चलाती हैं और यही कारण है कि तंजीला को अपनी मां पर जितना गर्व है, उतना ही गर्व रादिया को अपनी बेटी पर है | रादिया कहती हैं, “तंजीला का अर्थ होता है तीर जैसी नुकीली नज़र|”

मजबूत, ताकतवर व दृढ इच्छाशक्ति वाली तंजीला बताती है, “मेरी मां ने 20 साल इस पेशे में काम किया है | वो सारी रात क्लाइंट अटेंड करती थी इसलिए हमें घर के बाहर  रहना पड़ता था | हम अपना दिमाग, हाथ या कला पैसे कमाने के लिए काम में लाते हैं | मेरी मां ने भी वही किया | मैं जितनी इज्ज़त उनकी करती हूं उतनी ही उनके काम की भी करती हूं |”

तंजीला एक डांसर होने के साथ साथ सेक्स वर्कर्स के हित में काम करने वाली संस्था दरबार महिला समन्वय समिति की प्रेसिडेंट भी हैं |

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तंजीला अपने जीवन में अपनी मां और दरबार के प्रति हमेशा से एहसानमंद महसूस करती है, जो उनकी आँखों में साफ़ झलकता है | खुद को खुद की निगाहों से देखने वाली तंजीला अब  समाज की निगाहों की परवाह नही करती |

तंजीला बस यही कहती है कि, “मुझे सेक्स वर्कर की बेटी होने पर गर्व है और मेरी मां ही मेरा ईश्वर हैं |”

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Title: im proud to be the daughter of sex workers and my mother is my god

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