मशहूर पार्श्व गायिका मुबारक बेगम का निधन, जीवन के आखिरी दिन तंगहाली में गुजरे


नई दिल्ली। नींद उड़ जाए तेरी चैन से सोने वाले जैसे मशहूर गीत को आवाज देने वाली 80 वर्षीय मुबारक बेगम नहीं रहीं। उन्होंने शंकर जयकिशन, खय्याम, एसडी बर्मन जैसे प्रसिद्ध संगीतकारों के साथ काम किया। 1950 से 1970 के बीच बालीवुड की सैंकड़ों हिट फिल्मों में गीत और गजल गाने के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में अपने परिवार के साथ रहने वाली मुबारक बेगम के आर्थिक हालत अच्छे नहीं थे। वे काफी अरसे से गुमनामी के अंधेरे में समय काट रही थी। बॉलीवुड को अपना सारा जीवन देने वाली मुबारक बेगम को जीवन के आखिरी वक्त में वहां से कोई सहारा नहीं मिला, और उनकी हालत दिन पर दिन खराब होती चली गई। उनका गुजारा महज पर पेंशन पर ही चलता था उनका बेटा भी बहुत अच्छा नहीं कमा पाता था। ये अलग बात है कि सरकार ने मुबारक बेगम को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया था।

मुबारक बेगम की तबियत पिछले वर्ष उनकी बेटी के इंतकाल के बाद ज्यादा बिगडने लगी थी। सरकार से उन्हें शिकायत थी कि महज 700 रुपए पेंशन देती थी। उनका बेटा जैसे तैसे टैक्सी चलाकर अपना गुजारा चला रहा था। इस बात को लेकर मुबारक बेगम बॉलीवुड से भी खासी नाराज थी, कि उनके जीवन की सांझ में उन्हें बॉलीवुड से भी कोई सहारा नहीं मिला।

उनके गाए 10 सुपरहिट गानें
1963 ‘हमराही‘ – मुझ को अपने गले लगा लो, मेरे हमराही
1961 ‘
हमारी याद आएगी‘- कभी तन्हाइयों में यूं हमारी याद आएगी
1968 ‘
जुआरी‘ – नींद उड़ जाए तेरी चैन से सोने वाले…    
1955 ‘
देवदास‘ – वो ना आएंगे पलट के
1958 ‘
मधुमती‘- हम हाल दिलसुनाएंगे, सनिए के सुनिए
1968 ‘
सरस्वतीचंद्रा‘ – वादा हमसे किया,,,दिल किसी को दिया
1965 ‘
खूनी खजाना‘ – दिल बताना हम कहां गए….    
1964 ‘
शगुन‘ – कुछ अजनबी से आप हैं
1961 ‘
अरब का सितारा‘ – शमा गुल करके ना जाओ यूं..    
1980 ‘
रामू तो दीवाना है‘ – सांवरिया तेरी याद में रोरो मर जाएंगे हम

 

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