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पैडमैन : सिर्फ और सिर्फ अक्षय कुमार

इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म पैडमैन में कहने को तो अक्षय कुमार के अलावा सोनम कपूर, राधिका आप्टे, सुधीर पाण्डेय, माया अलग और अमिताभ बच्चन जैसे बेहतरीन अदाकार हैं। इसके बावजूद पैडमैन सिर्फ और सिर्फ अक्षय कुमार की फिल्म है | फिल्म का निर्देशन आर बाल्की ने किया है, जिनकी पहली फिल्म अमिताभ और तब्बू स्टारर चीनी कम थी और ये आर बाल्की की फिल्मो की विशेषता है कि वो बिना अमिताभ के कोई फिल्म नहीं बनाते | यही कारण है कि इस फिल्म में भी अमिताभ का एक छोटा सा रोल है | फिल्म अरुणाचलम मुरुगनंथम की असल ज़िन्दगी पर आधारित है, जो कि अरुणाचलम मुरुगनंथम पर आधारित तीसरी फिल्म है | इससे पहले 2017 में फुल्लू और आई-पैड बन चुकी है, हालाँकि किसी कारण के चलते आई-पैड आज तक रिलीज नहीं हो पायी |

यूं तो फिल्म की कहानी फिल्म का ट्रेलर देख कर ही पता चल जाती है, फिर भी 2 घंटे 30 मिनट की ये फिल्म चुट्किले संवादों से आपका मनोरंजन करती हुई नज़र आती है, हालाँकि कुछ दृश्य आपको इर्रीटेट भी कर सकते है | फिल्म की कहानी लक्ष्मीकांत चौहान की है जो अपनी पत्नी गायत्री के माहवारी के दौरान गंदे कपड़े के इस्तेमाल और इस दौरान उसके साथ अछूत कन्या जैसे बर्ताव को समझ नही पाता | वो डॉक्टर से मिलता है और उसे पता चलता है कि महावारी के दौरान महिलाओ का ऐसे भी किसी गंदे कपड़े का इस्तेमाल करना जानलेवा और खतरनाक रोगों को बुलावा देने जैसा है | जब लक्ष्मीकांत को यह बात समझ आती है तो वो खुद सैनिटरी पैड बनाने का प्रयास करने लगता है । इसी दौरान लक्ष्मीकांत कई ऐसे पंच मारता है, जो कभी आपको हँसाते तो कभी आपको वो बड़े अजीब लगते है | खैर कहानी आगे बढती है और लक्ष्मीकांत का दुश्मन न सिर्फ पूरा गाँव बल्कि उसकी खुद की पत्नी और माँ भी बन जाते है और उसके इस बर्ताव से नाराज़ रहने लगते है | मगर इतना कुछ होने के बावजूद लक्ष्मीकांत हार नहीं मानता और अपने प्रयास में लगा रहता है, ऐसे में उसकी मदद के लिए आगे आती है दिल्ली की एमबीए स्टूडेंट परी | खैर इस तरह की फिल्मे सिर्फ देखने के लिए होती है, इनका क्लाइमेक्स क्लियर होता है | हालाँकि फिल्म के दृश्य कही कही पर बहुत अधिक खिंचे हुए लगते हैं |

पा, चीनी कम, शमिताभ और की & का जैसी फिल्मे बनाने वाले आर बाल्की ने इस मुद्दे को भुनाने की पूरी कोशिश की है, मगर उनकी पिछली कुछ फिल्मो को जनता ने अलग विषय होने के बावजूद एक सिरे से नकार दिया था, ऐसे में देखना है कि पैडमैन उनके लिए क्या लेकर आता है | फिल्म को सबसे ज्यादा फायदा अक्षय के होने का हो सकता है | पिछली कुछ फिल्मो से अक्षय कुछ ज्यादा ही देशभक्ति या सामाजिक विषयों से जुडी फिल्मे कर रहे हैं, हालाँकि जनता उन्हें इस तरह की भूमिका में स्वीकार रही है | चूँकि फिल्म पूरी तरह से अक्षय कुमार पर निर्भर है अत: फिल्म के हिट या फ्लॉप होने का असर उनके करियर पर भी पड़ेगा | सोनम सुंदर दिखती है और मगर उन्हें अभी राधिका जैसी टैलेंटेड नायिका से एक्टिंग के कुछ टिप्स जरूर ले लेने चाहिए | बहराल सोनम ने जितनी भी एक्टिंग की वो अच्छी है | फिल्म का बजट बहुत कम है ऐसे में उम्मीद है कि फिल्म हिट या सुपरहिट हो ही जाएगी, बाकी सब वक़्त के हाथ में |

वीडियो में देखिए पैडमैन का रिव्यू

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Title: film review padman just and only akshay kumar | In Category: फिल्म समीक्षा  ( movie_review )

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