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कुछ भीगे अल्फाज : दो अनजाने अजनबी

दमन, बस एक पल, सॉरी भाई और चौरंगा जैसी अलग विषयों पर फिल्म बनाने वाले ओनिर इस बार लाये है कुछ भीगे अल्फाज़ | फिल्म की कहानी कोलकाता शहर की है, जहाँ हर रात आरजे अल्फाज एफएम रेडियो के कार्यक्रम में रोमांटिक शायरी और रोमांस के साथ साथ लोगो को सलाह-मशवरा देते हैं, परन्तु दूसरों को सलाह देने वाला अल्फाज़ खुद अब तक अकेला है, जिसके पीछे उसका एक दर्दनाक अतीत है | फिल्म की नायिका अर्चना रोज़ अल्फाज़ का कार्यक्रम सुनती है और स्वभाव में अल्फाज़ के बिलकुल विपरीत है |

विज्ञापन एजेंसी में काम करने वाली अर्चना अल्फाज़ की बहुत बड़ी फैन है, हालाँकि उसने आज तक अल्फाज़ को देखा नहीं है | अर्चना को ल्यूकोडर्मिया है | आपको बता दे कि ल्यूकोडर्मिया एक तरह की बीमारी होती है, जिसके चलते चेहरे पर सफ़ेद दाग बन जाते है | अत: अर्चना डेटिंग एप्प के जरिये एक ब्लाइंड डेट पर जाती है | आगे क्या होता है ये आप देखने सिनेमा घर जाए तो बेहतर ही है, वैसे अब तक आप अंदाज़ा तो लगा ही चुके होंगे कि आगे क्या होता है |

ओनिर का निर्देशन कमाल का है, हालाँकि फिल्म की कहानी थोड़ी धीमी रफ़्तार के साथ आगे बढती है, मगर वो फिल्म की मांग है | यदि आप इस तरह की फिल्मे पसंद करते हैं तो आपको पसंद आएगी | जेन खान दुर्रानी अपने अभिनय के चलते अपनी पहली ही फिल्म से प्रभावित करते है । अर्चना के किरदार में गीतांजलि थापा अच्छी लगती हैं |

फिल्म का सन्देश सिर्फ इतना है कि दुनिया में हर इन्सान के अंदर कोई न कोई कमी है बिलकुल परफेक्ट कोई नहीं है अत: कमियों को नज़रंदाज़ करते हुए कुछ नया या अलग किया जाये | यह फिल्म नई पीढ़ी के महानगरीय युवाओं को ध्यान में रख कर बनायीं गयी है |

फिल्म में जो जीता वही सिकंदर के सदाबहार गीत पहला नशा को लिया गया है, जिसे पलक मुच्छल और जुबिन नौटियाल ने गाया है, यदि आपने इस गीत को सुना है तो ठीक है, वरना जिन्होंने नहीं सुना है उनके लिए सिर्फ इतना ही कहूँगा कि आप ओरिजिनल वाले को ही सुने तो अच्छा होगा |

फिल्म प्रेम की एक नयी परिभाषा व्यक्त करती है, परन्तु याद रहे आपको यह फिल्म धीमी रफ़्तार के चलते खल सकती है |

वीडियो में देखिए कुछ भीगे अल्फाज का रिव्यू

 

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