फिरंगी : न देशी, न विदेशी


बात है 1921 की मगर, मगर कुछ भी ऐसा नही जो इस बात का विश्वास दिला सके | फिल्म में कमजोर लव स्टोरी है, देशप्रेम भी है, ठीक-ठाक गीत संगीत भी है, मगर फिल्म में जो सबसे ज्यादा खलता है वो है फिल्म का 2 घंटे 40 मिनट का होना | फिल्म में अगर एडिटिंग की जाती तो फिल्म एक बेहतरीन कॉमेडी कम लव स्टोरी बन सकती थी, वो भी देशभक्ति फ्लेवर में | कपिल शर्मा की फिरंगी को देखकर शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जो कपिल की नयी फिल्म का इंतजार करेगा | बहराल फिरंगी न तो देशी जनता के लिए है और न ही विदेशी जनता के लिए |

फिल्म में कपिल ने कॉमेडी के अलावा भी कई चीज़े करने की कोशिश की है, जिसमे वो कही पर कामयाब हो जाते है और कही पर नाकामयाब | फिल्म में नायिका ईशिता दत्ता को लिया गया है जो देखने में नायिका कम और कपिल की छोटी बहन ज्यादा लगती है फिल्म में | ईशिता इससे पहले अजय देवगन की फिल्म दृश्यम में अजय की बेटी बनी थी, जिसमे ईशिता ने यक़ीनन काबिल-ऐ-तारीफ काम किया था, मगर फिरंगी में वो चूक जाती है | दूसरी तरफ कपिल किस किस को प्यार करूँ के बाद सबसे निराशाजनक प्रफोमेन्श फिरंगी में देते है |

फिल्म की 1921 के भारत की है, जब अंग्रेजो ने अपने जुल्म की दास्तान भारत के कोने कोने में लिखी थी | ऐसे में एक गाँव, जहाँ फिल्म का हीरो रहता है कि कहानी परदे पर दिखायी जाती है | फिल्म में कई घटनाये घटती है, और हर घटना के बाद आपको लगता है कि ये कहानी पहले भी कही देखी है और फिर आपको याद आती है सुपरहिट फिल्म लगान | खैर न तो फिरंगी लगान की तरह प्रभावी है और न ही उम्मीद की जा सकती है |

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