भूमि : सिर्फ और सिर्फ संजय दत्त  


2016 में जेल से रिहाई के बाद फिर एक बार संजय दत्त किसी फिल्म में मुख्य भूमिका में आ रहे है, फिल्म का नाम है भूमि, जिसका निर्देशन ओमंग कुमार ने किया है | फैन्स के लिए सच में संजय दत्त की एक परफेक्ट कमबैक है और ये कहना भी गलत नही होगा कि यह फिल्म सिर्फ और सिर्फ संजय दत्त के फैन्स के लिए है |

फिल्म की कहानी अरुण सचदेवा और उसकी बेटी भूमि की है | भूमि की शादी एक डॉक्टर से होने वाली होती है मगर शादी से एक दिन पहले भूमि को पसंद करने वाला एक युवक अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर भूमि का बलात्कार करते है | अरुण कानून के दरवाज़े पर इन्साफ की गुहार लगाता है, परन्तु सबूतों के अभाव में छूट अपराधियों को छोड़ दिया जाता  हैं। फिर वही होता है जो आपने पहले भी कई बार देखा है | बाप अपनी बेटी के इन्साफ के लिए कानून को अपने हाथ में लेकर बलात्कारियों को सबक सिखाता हैं।

शरद केलकर ने खलनायक की भूमिका बखूबी निभायी है। संजय दत्त और उनकी बेटी बनी अदिति राव हैदरी ने अपने काम से प्रभावित किया है | फिल्म में संवाद अच्छे है हालाँकि वो कुछ गिने चुने ही है |फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी है इसकी थकी हुयी स्क्रिप्ट और लचर निर्देशन | बाकी फिल्म में ऐसा कुछ नही है जिसकी बात की जाए |


सुमित नैथानी

सुमित नैथानी

सुमित नैथानी पेशे से ब्लॉगर व लेखक हैं। कई क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं के लिए लेखन के साथ जागरण जंक्शन (दैनिक जागरण का ब्लॉग ) पर भी लगातार लिखते रहे हैं।

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