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अदम गोंडवी हिंदी गजल : न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से Adam Gondvi Hindi Gazal: N Mahalo ki bulandi se n Lafzo ke Nageene se
अदम गोंडवी हिंदी गजल : न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से Adam Gondvi Hindi Gazal: N Mahalo ki bulandi se n Lafzo ke Nageene se
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से  

न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से तमद्दुन में निखार आता है घीसू के पसीने से कि अब मर्क़ज़ में रोटी है, मुहब्बत हाशिए पर है उतर आई ग़ज़ल इस दौर में कोठी के ज़ीने से अदब का आईना उन तंग गलियों से गुज़रता है जहाँ बचपन सिसकता है लिपट कर माँ […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में Adam Gondvi Hindi Gazal: Jo ulajh kar rah gyi hai failo ke jaal mai
अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में Adam Gondvi Hindi Gazal: Jo ulajh kar rah gyi hai failo ke jaal mai
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में  

जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में गाँव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में बूढ़ा बरगद साक्षी है किस तरह से खो गई रमसुधी की झोपड़ी सरपंच की चौपाल में खेत जो सीलिंग के थे सब चक में शामिल हो गए हमको पट्टे की सनद मिलती भी है तो ताल में […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए Adam Gondvi Hindi Gazal: Jism kya hai rooh taq sab kuchh khulasa dekhiye
अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए Adam Gondvi Hindi Gazal: Jism kya hai rooh taq sab kuchh khulasa dekhiye
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए

जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए आप भी इस भीड़ में घुस कर तमाशा देखिए जो बदल सकती है इस पुलिया के मौसम का मिजाज़ उस युवा पीढ़ी के चेहरे की हताशा देखिए जल रहा है देश यह बहला रही है क़ौम को किस तरह अश्लील है कविता की भाषा देखिए मतस्यगंधा […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब Adam Gondvi Hindi Gazal: Julaf anagdaai tabssum chaand aainaa gulab
अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब Adam Gondvi Hindi Gazal: Julaf anagdaai tabssum chaand aainaa gulab
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब

ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब भुखमरी के मोर्चे पर ढल गया इनका शबाब पेट के भूगोल में उलझा हुआ है आदमी इस अहद में किसको फुरसत है पढ़े दिल की क़िताब इस सदी की तिश्नगी का ज़ख़्म होंठों पर लिए बेयक़ीनी के सफ़र में ज़िंदगी है इक अजाब डाल पर मज़हब की पैहम खिल रहे दंगों के फूल सभ्यता […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया Adam Gondvi Hindi Gazal: Chand hai jere kadam suraj khilaona ho gaya
अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया Adam Gondvi Hindi Gazal: Chand hai jere kadam suraj khilaona ho gaya
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया  

चाँद है ज़ेरे-क़दम. सूरज खिलौना हो गया हाँ, मगर इस दौर में क़िरदार बौना हो गया   शहर के दंगों में जब भी मुफलिसों के घर जले कोठियों की लॉन का मंज़र सलोना हो गया   ढो रहा है आदमी काँधे पे ख़ुद अपनी सलीब जिंदगी का फ़लसफ़ा जब बोझ ढोना हो गया जिंद   […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है Adam Gondvi Hindi Gazal: Ghar mai thande chulhe par agar khaali pateeli hai
अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है Adam Gondvi Hindi Gazal: Ghar mai thande chulhe par agar khaali pateeli hai
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है  

घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है बताओ कैसे लिख दूँ धूप फागुन की नशीली है भटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सी सुबह से फरवरी बीमार पत्नी से भी पीली है बग़ावत के कमल खिलते हैं दिल की सूखी दरिया में मैं जब भी देखता हूँ आँख बच्चों की पनीली है सुलगते […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में Adam Gondvi Hindi Gazal: Kaaju bhune plate mai whiskey glass mai
अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में Adam Gondvi Hindi Gazal: Kaaju bhune plate mai whiskey glass mai
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में  

काजू भुने पलेट में विस्की गिलास में उतरा है रामराज विधायक निवास में पक्के समाजवादी हैं तस्कर हों या डकैत इतना असर है खादी के उजले लिबास में आजादी का वो जश्न मनाएँ तो किस तरह जो आ गए फुटपाथ पर घर की तलाश में पैसे से आप चाहें तो सरकार गिरा दें संसद बदल […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी Adam Gondvi Hindi Gazal: Aap kahate hai sarapa gulmohar hai Jindagi
अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी Adam Gondvi Hindi Gazal: Aap kahate hai sarapa gulmohar hai Jindagi
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी  

आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी हम ग़रीबों की नज़र में इक क़हर है ज़िंदगी   भुखमरी की धूप में कुम्हला गई अस्मत की बेल मौत के लमहात से भी तल्ख़तर है ज़िंदगी   डाल पर मज़हब की पैहम खिल रहे दंगों के फूल ख़्वाब के साए में फिर भी बेख़बर है ज़िंदगी   […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है Adam Gondvi Hindi Gazal: Hamme koi hun koi shaq koi mangol hai
अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है Adam Gondvi Hindi Gazal: Hamme koi hun koi shaq koi mangol hai
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है  

हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है दफ़्न है जो बात, अब उस बात को मत छेड़िए ग़र ग़लतियाँ बाबर की थीं; जुम्मन का घर फिर क्यों जले ऐसे नाज़ुक वक़्त में हालात को मत छेड़िए हैं कहाँ हिटलर, हलाकू, जार या चंगेज़ ख़ाँ मिट गए सब, क़ौम की औक़ात को मत छेड़िए छेड़िए […]
अदम गोंडवी हिंदी गजल : बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है Adam Gondvi Hindi Gazal: Batao kaise likh du dhoop faagun ki nashilee hai
अदम गोंडवी हिंदी गजल : बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है Adam Gondvi Hindi Gazal: Batao kaise likh du dhoop faagun ki nashilee hai
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अदम गोंडवी हिंदी गजल : बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है

घर में ठन्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है बगावत के कमल खिलते हैं दिल के सूखे दरिया में मैं जब भी देखता हूँ आँख बच्चों की पनीली है सुलगते ज़िस्म की गर्मी का फिर अहसास हो कैसे मोहब्बत की कहानी अब जली माचिस की तीली […]