गजल

चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए

चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए Chetan anand Hindi Gazal: Fool titali jheel jharne chaand tare rakh diye
चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए

 फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए

मेरी दो आँखों में उसने सब नज़ारे रख दिए।

 

मानता हूँ ज़िन्दगी की गोद तो मेरी ही थी

हाँ मगर इस गोद में सपने तुम्हारे रख दिए।

 

उसकी ख़ातिर उसके दरवाज़े पे अपना दिल रखाए

प्यार तो रक्खा ही रक्खाए सुख भी सारे रख दिए।

 

वो तवायफ है तो क्या उसमें भी माँ रहती तो हैए

मैंने उसके चरणों में गंगा के धारे रख दिए।

 

और फिर भी माँ ने मुझको खूब मीठापन दिया

मैंने उसके सामने आंसू जो खारे रख दिए।

 

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चेतन आनंद

चेतन आनंद

लगभग 24 साल तक हिन्दुस्तान, नईदुनिया, आज समाज, दैनिक हिन्ट, दैनिक युग करवट, हमारा ग़ाज़ियाबाद पत्रिका में सलाहकार सम्पादक, समाचार सम्पादक, ब्यूरो चीफ, मुख्य संवाददाता, संवाददाता आदि सक्रिय पदों पर ज़िम्मेदारी निभाई। अपनी अभूतपूर्व कविताओं के लिए चेतन आनन्द जी को काव्य कुमार सम्मान ग़ाज़ियाबाद, काव्य-गौरव सम्मान ग़ाज़ियाबाद, प्रतिष्ठा पुरस्कार हैदराबाद, साहित्यश्री पुरस्कार बँगलुरु, हिन्दी साहित्य साधना सम्मान ग़ाज़ियाबाद, ओएनजीसी ग्रुप द्वारा हिन्दी साहित्य सेवा पुरस्कार लखनऊ, आगमन संस्था द्वारा दुष्यंत कुमार सम्मान 2017 सम्मान फरीदाबाद समेत दर्जनों पुरस्कार व सम्मान से नवाजा गया। वर्तमान में ‘काव्य-गंगा’ नाम से यूट्यूब चैनल का संचालन करते हैं। जिसके तहत वे नवोदित कवियों व शायरों को एक सार्थक मंच दिया जाता है।

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