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अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठण्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है Adam Gondvi Hindi Gazal: Ghar Mai thande chule par khaali pateeli hai
अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठण्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है Adam Gondvi Hindi Gazal: Ghar Mai thande chule par khaali pateeli hai
गजल

अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठण्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है  

घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है। बताओ कैसे लिख दूँ धूप फाल्गुन की नशीली है।। भटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सी। सुबह से फरवरी बीमार पत्नी से भी पीली है।। बग़ावत के कमल खिलते हैं दिल की सूखी दरिया में। मैं जब भी देखता हूँ आँख बच्चों की पनीली है।। सुलगते […]
चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए Chetan anand Hindi Gazal: Fool titali jheel jharne chaand tare rakh diye
चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए
गजल

चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए

 फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए मेरी दो आँखों में उसने सब नज़ारे रख दिए।   मानता हूँ ज़िन्दगी की गोद तो मेरी ही थी हाँ मगर इस गोद में सपने तुम्हारे रख दिए।   उसकी ख़ातिर उसके दरवाज़े पे अपना दिल रखाए प्यार तो रक्खा ही रक्खाए सुख भी सारे रख दिए। […]
चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में Chetan anand Hindi Gazal: Jhaanke hai koi pal pal ahashash ki nadi mai
चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में
गजल

चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में

झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में, होने लगी है हलचल अहसास की नदी में।   पानी में जब वो झांके, चांदी-सी चमकी जैसे, उतरा हो जैसे बादल अहसास की नदी में।   महके हैं लफ्ज़ सारे, घोला है जैसे तुमने, खुशबू का कोई काजल अहसास की नदी में।   तुम चल दिये हो […]
चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है Chetan anand Hindi Gazal: Ahashash ka falaq hai alfaaz ki zami hai
चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है
गजल

चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है

अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है, लगता है मेरे दिल को, तू भी यहीं-कहीं है।   जब से किया है मैने, तेरे हवाले ख़ुद को, दुनिया में दिल ये मेरा, लगता कहीं-नहीं है।   गहरी नदी है, टूटी है नाव मेरी, लेकिन मुझको बचा तू लेगा, तुझपे मुझे यक़ीं है।   कहने को […]
चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके, Chetan anand Hindi Gazal: ham tumhare gulaam ho n sake
चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके
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चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके,

हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके, ख़ास रह करके आम हो न सके।   हमने अपनाये नहीं हथकंडे, इसलिये अपने काम हो न सके।   जी-हज़ूरी किसी की हो न सकी, ये पदक अपने नाम हो न सके।   रोज़ सूरज-सा निकलना था हमें, इक सुहानी-सी शाम हो न सके।   इश्क से यारी करके […]
चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग, Chetan anand Hindi Gazal: Pyar kab aage badha takrar se rahkar alag
चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग
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चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग

प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग, सीढ़ियां बनती नहीं दीवार से रहकर अलग।   रुक गये तो मौत के आग़ोश में आ जाओगे, सांस चलती ही नहीं रफ़्तार से रहकर अलग।   नफ़रतें ही नफ़रतें, बस उलझनें ही उलझनें, ज़िन्दगी में ये मिला है प्यार से रहकर अलग।   लोग सब हैरान, मुझसे […]
चेतन आनंद : आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर Chetan anand Hindi Gazal: Aa gye rishto ka ham rangi dushala chhodkar
चेतन आनंद : आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर
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चेतन आनंद : आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर

आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर, अब कहां जाएंगे हम तेरा शिवाला छोड़कर।   कहकहे, सुख-चैन, सपने, नींद, आज़ादी के दिन, क्या मिलेंगे ये तुम्हें सच का उजाला छोड़कर।   शहर में दिन-रात रोटी के लिए तरसा है वो, जो कि गुस्से में गया घर से निवाला छोड़कर।   हम हैं उस दुनिया […]
चेतन आनंद : हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं Chetan anand Hindi Gazal: Ham nahi shaakh n patte hi n Fal jaise hai
चेतन आनंद : हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं
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चेतन आनंद : हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं

हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं प्यार की झील में हम नीलकमल जैसे हैं।   उनमें कुछ और ही बातों का असर आया है वो न अब आज के जैसे हैं, न कल जैसे हैं।   सांस की डायरी में आज सजा लो हमको हम भी इक शोख, नई, ताज़ा ग़ज़ल […]
चेतन आनंद : आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना Chetan anand Hindi Gazal: Aagan mai tera aksar deewar kadhi karna
चेतन आनंद : आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना
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चेतन आनंद : आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना

आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना कुछ अच्छा नहीं लगता तक़रार खड़ी करना।   सच ये है कि मुश्किल है दीवार खड़ी करना बस ख्वाब में आसां है मीनार खड़ी करना।   चल छोड़, भुला भी दे नफ़रत की कहानी को क्यों बात को बेमतलब हरबार खड़ी करना।   अपना जो ये जीवन है […]
चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते Chetan anand Hindi Gazal: hamare hausle ahashash ki had se bade hote
चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते
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चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते

हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते अगर अपने नहीं होते तो हम क़द से बड़े होते।   हमें ही छू न पायीं भोर की किरणें शिकायत है नहीं तो हम भी शायद एक बरगद से बड़े होते।   हमारी ही कमी थी, हम ही घबराये रहे, वरना हमारे दायरे तय था कि मक़सद […]