Subhadra kumari chauhan Hindi Poem - बड़ी खबरें

सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता: राखी की चुनौती Hindi Poem : Subhadra Kumari Chauhan Poem Rakhi Ki Chunauti
कविता

सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता: राखी की चुनौती

बहिन आज फूली समाती न मन में । तड़ित आज फूली समाती न घन में ।। घटा है न झूली समाती गगन में । लता आज फूली समाती न बन में ।। कही राखियाँ है, चमक है कहीं पर, कही बूँद है, पुष्प प्यारे खिले हैं । ये आयी है राखी, सुहाई है पूनो, बधाई […]
सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता : जलियाँवाला बाग में बसंत Hindi Poem : Subhadra Kumari Chauhan Poem Jallianwala Bagh Mai Basant
Jallianwala bagh mein basant subhadra kumari chauhan
कविता

सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता : जलियाँवाला बाग में बसंत

Jallianwala bagh mein basant subhadra kumari chauhan यहाँ कोकिला नहीं, काग हैं, शोर मचाते, काले काले कीट, भ्रमर का भ्रम उपजाते। कलियाँ भी अधखिली, मिली हैं कंटक-कुल से, वे पौधे, व पुष्प शुष्क हैं अथवा झुलसे। परिमल-हीन पराग दाग़ सा बना पड़ा है, हा! यह प्यारा बाग़ खून से सना पड़ा है। ओ, प्रिय ऋतुराज! […]