दस हजार के निवेश से बन सकते हैं अरबपति     


यदि आपसे कोई सवाल करे कि नौकरी कौन सी भली तो आप कहेंगे कि भई, नौकरी करो तो डॉक्टर की या पुलिस की। क्यों? क्योंकि जिस प्रकार का दूषित खानपान और अप्राकृतिक दिनचर्या हम अपना रहे हैं उसकी वजह से बीमारियां बढ़ेंगी और डॉक्टरों का बोलबाला बढ़ेगा, उनकी  आमदनी बढ़ेगी। जनसंख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी और धन के असमान वितरण की वजह से अपराधों का बढऩा लाजिमी है। इससे पुलिस महकमे का वर्चस्व बढ़ेगा। यदि आपको अपने जवाब पर भरोसा है तो आप फार्मा व एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में निवेश क्यों नहीं करते? बीमारियों में बढ़ोतरी से केवल डॉक्टरों की आमदनी ही नहीं बढ़ेगी बल्कि दवा कंपनियों की आमदनी में भी इजाफा होगा। इसी तरह जनसंख्या में बढ़ोतरी से एफएमसीजी कंपनियों के उत्पादों की मांग बढ़ेगी और उनकी आमदनी बढ़ेगी। पर जनसंख्या में बढ़ोतरी का असर एक दो महीने में नहीं दिखता है और न ही एक-दो दिन में बीमारियों का विस्फोट होता है। ये लंबी अवधि के आकलन हैं। इसी तरह यदि आप फार्मा या एफएमसीजी के शेयरों में निवेश करते हैं तो उस अवधि के लिए कीजिए जिस अवधि के दौरान विप्रो के शेयरों में किया गया १० हजार रुपए का निवेश ३३८ करोड़ रुपए में बदल गया। जी हां, कहने का मतलब है बीस पच्चीस वर्षों की अवधि के लिए। ध्यान रहे कि इस अवधि के भीतर किसी के बहकावे में निवेश को भुनाना नहीं है अन्यथा आपका वही हाल होगा जो उस दरिद्र ब्राह्मण का हुआ था।

एक ब्राह्मण अपने यजमान के यहां पूजा कराकर लौट रहे थे। उन्हें दान में गाय मिली थी। जब वह गाय लेकर घर की ओर चले तो रास्ते में तीन ठगों ने उनका पीछा किया। तीनों ठगों ने ब्राह्मण को प्रणाम किया और उनके पीछे-पीछे चलने लगे। एक ठग ने ब्राह्मण से कहा कि उन्हें काफी पाप लगेगा क्योंकि वह जेठ माह की तपती दोपहरी में गौमाता को जमीन पर चला रहे हैं। सीधे सादे ब्राह्मण ने गाय को अपने कंधे पर उठा लिया। कुछ समय बाद दूसरे ठग ने कहा कि गाय लू की  वजह से मर गई है क्योंकि उसका मुंह ब्राह्मण के कंधे पर झूल रहा है। ब्राह्मण को गोहत्या का पाप लगेगा। उन्हें गंगा स्नान के बाद ही घर में प्रवेश करना चाहिए। इतना सुनना था कि ब्राह्मण ने गाय को कंधे से उतार कर सडक़ के किनारे डाल दिया और गंगा स्नान के लिए चल पड़े। तीनों ठग गाय को लेकर चलते बने। आपको सावधान रहना चाहिए कि ऐसा ही कोई वित्तीय ठग आपके पोर्टफोलियो के नायाब हीरे न ले उड़े। वित्तीय जगत लुटेरों से भरा पड़ा है। ये लुटेरे कई रूपों में सामने आते हैं। इनसे बचने के लिए आपको अपने भीतर छिपे जेम्स बांड को जगाना पड़ेगा।

वित्त जगत की सबसे बड़ी खामी है कि अंकों के एक ही समूह की व्याख्या कई तरीके से की जा सकती है। एजेंट, एडवाइजर, तकनीकी विश्लेषक, फायनेंसियल प्लानर आदि वित्त जगत के इसी गुण-धर्म के जरिए अपनी दुकान चलाते हैं। प्रॉपर्टी डीलर, बैंकर, ब्रोकर, समाचार विश्लेषक आदि हमारी अज्ञानता का फायदा उठाते हैं। इनसे अपनी गठरी बचाने के लिए आपको जेम्स बांड की तरह अकेले ही लडऩा पड़ेगा।

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