पोर्टफोलियो को पहनाएं सुरक्षा कवच


कई बार ऐसी स्थितियां आती हैं जब आपका निवेश या तो ठहर जाता है या उसमें गिरावट आने लगती है। शेयर की कीमत को नियंत्रित करना या उसके मूल्यों में गिरावट का सटीक अनुमान लगाना किसी के लिए भी मुश्किल है। ऐसी दशा में आपके पास दो परंपरागत रास्ते हैं- या तो आप अपने पोर्टफोलियो के शेयर बेचकर लॉस बुक करें या उसकी कीमत में इजाफे का इंतजार करें। इसके अलावा कुछ ऐसे तरीके भी हैं जिससे पोर्टफोलियो को सुरक्षा कवच पहनाया जा सकता है। पर, इसका मतलब यह नहीं समझें कि पोर्टफोलियो का अवमूल्यन रुक जाएगा। यदि आपके पोर्टफालियो में कोई ऐसा स्टॉक है जो फ्यूचर और ऑप्शन सेगमेंट में भी है तो आप ऑप्शन के जरिए पोर्टफोलियो को हेज कर सकते हैं। इसके लिए आप उस स्टॉक के सपोर्ट व रेजिस्टेंस लेवल की पहचान करें। इन दोनों स्तरों के पुट व कॉल ऑप्शन बेच दें। एक उदाहरण लीजिए। यदि एबीसी नाम का कोई स्टॉक १००० व १२०० के बीच घूमता  है, मतलब कि उसे १००० के स्तर पर स्ट्रांग सपोर्ट व १२०० के स्तर पर स्ट्रांग रेजिस्टेंस फेस करना पड़ता है तो आप १२०० का कॉल व १००० का पुट ऑप्शन बेचकर रेंज का फायदा उठा सकते हैं। यदि वह स्टॉक अपना सपोर्ट लेवल तोड़ दे आप तुरंत अपने पुट पोजीशन को कवर करें और पुट खरीद लें। इससे न केवल कॉल ऑप्शन का प्रीमियम मिल जाएगा बल्कि पुट के प्रीमियम में बढ़ोतरी का लाभ भी मिल जाएगा। हां, आपके पोर्टफोलियो की कीमत भी सुरक्षित रहेगी। इस रणनीति के मूल में है सपोर्ट व रेजिस्टेंस लेवल की सटीक पहचान। ध्यान रहे, आप ऑप्शन बेचकर अपना पोर्टफोलियो हेज कर रहे हैं इसलिए आप असीमित जोखिम उठा रहे हैं। दूसरा तरीका है, पोर्टफालियो के हर स्टॉक के सपोर्ट लेवल पर नजर रखना। यदि सपोर्ट लेवल टूटता है तो तुरंत पुट खरीदकर पोजीशन हेज करें। यदि स्टॉक नीचे जाता है तो पुट की कीमत बढ़ेगी और आपके पोर्टफोलियो का अवमूल्यन रुक जाएगा। इसी तरह यदि आपके पोर्टफोलियो के किसी स्टॉक में ब्रेक आउट आए तो आप पुट को बेचकर या कॉल खरीदकर पैसे कमा सकते हैं।

किसी स्टॉक के जीवन में उतार चढ़ाव के अलावा बेस बिल्डिंग का भी महत्वपूर्ण कालखंड होता है। इस कालखंड में स्टॉक की गति ठहर जाती है। आम तौर से शेयर में मंदी के दौर के बाद ऐसा समय आता है। इस अवधि का फायदा रेंज प्ले के जरिए उठा सकते हैं। चूंकि इस प्रकिया में शेयर में ब्रेक आउट की संभावना बढ़ जाती है इसलिए कवर्ड कॉल या बुल कॉल स्प्रेड जैसी रणनीति के जरिए पैसे कमाए जा सकते हैं। मान लें कोई शेयर बेस बिल्डिंग प्रक्रिया से गुजर रहा है और उसमें ब्रेक आउट संभावित है। उसकी मौजूदा कीमत १२५० रुपए है। ऐसी दशा में १२५० या १३०० का कॉल खरीद कर और १४०० का कॉल बेचकर बुल कॉल स्प्रेड बनाया जा सकता है। सच पूछिए तो स्टॉक मार्केट में घाटा होने की संभावना बहुत हद तक कम की जा सकती है यदि आपके पास उससे संबंधित तकनीकी ज्ञान है।

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