वह तो बहुत आगे निकल चुका है जी..


उसकी सबसे बड़ी उलझन थी कि शुरुआत कहां से की जाए। वह जिस ओर भी नजर दौड़ाता, उसे लगता कि और लोग काफी आगे निकल चुके हैं और वह काफी पीछे छूट चुका है। यदि वह विकास का वही काम करने लगेे तो भी शायद वहां तक नहीं पहुंच पाएगा जहां उसके साथी पहुंच चुके हैं। जब से उसने सुना कि उसका दोस्त करोड़पति हो गया है, तबसे उसने घर से निकलना ही बंद कर दिया है। आज से सत्रह साल पहले उसके इस मित्र ने इनफोसिस में बीस हजार रुपए का निवेश किया था और आज उसका निवेश करोड़ों का हो गया है। यदि आज वह इनफोसिस में बीस हजार की जगह पचास हजार रुपए भी लगा दे आखिर क्या कर लेगा। शेयर बाजार में जो कुछ लेने लायक था, वह सब महंगा हो चुका है। सोना जब चौदह हजार पर था तब नहीं खरीदा तो अब खरीदने से क्या मिल जाएगा। और तो और उसके पिताजी ने जिस जमीन को खरीदने का सुझाव दिया था, उस जमीन की कीमत भी अब दस गुनी हो गई है। कीमत कम होने का इंतजार करते-करते वह आज भी किराए के मकान में रहने के लिए विवश है। जब वसुंधरा का वह फ्लैट आठ लाख में मिल रहा था तो उसने महंगा होने की बात कह कर पत्नी को समझा दिया था। आज उसकी कीमत तीस लाख हो चुकी है। क्या आप भी इस महोदय की तरह पछता रहे हैं।

वस्तुत: सस्ता और महंगा सापेक्ष शब्द हैं। किसी चीज को खरीदते या बेचते वक्त इस बात की आशंका हमेशा सताती रहती है कि महंगा तो नहीं खरीद रहा हूं, सस्ता तो नहीं बेच रहा हूं। शेयर बाजार के मामले में तो यह बात और भी सही है। सोना और चांदी भी इससे अलग नहीं हैं। निवेशकों की इसी आशंका के निराकरण के लिए सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (सिप) इजाद किया गया। खरीदी और बिक्री में हानि-लाभ के जोखिम को कम करने के लिए ऐसी रणनीति तैयार की गई कि आप एक साथ न तो खरीदें और न ही एक साथ बेचें। इससे आपको कीमत के औसत स्तर का लाभ मिल जाएगा। आरंभ में इसे म्यूचुअल फंड में लागू किया गया। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इसे स्टॉक व कमोडिटी मार्केट में भी लागू किया गया। अब आप रोज सबेरे अपने दिन की शुरुआत इनफोसिस के एक शेयर और एक ग्राम सोने की खरीदी से कर सकते हैं। और यह सब कंप्यूटर के जरिए डिमैट एकांउट में बिना किसी की मदद के किया जा सकता है।

रही बात अपने साथियों और सहकर्मियों से पीछे छूट जाने की तो मेरी राय में यदि आप अभी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे तो और भी पीछे छूट जाएंगे। एक समय ऐसा आएगा जब आपके लिए यह पता करना भी मुश्किल होगा कि आपका साथी कहां पहुंच चुका है। बेहतर तो यह है कि आप औरों की परवाह किए बिना आज से ही चलना शुरू करें और कुछ ऐसी रणनीति बनाएं कि कम समय में अपने दोस्त से भी आगे निकल जाएं। यदि आपके दोस्त ने एचडीएफसी बैंक के शेयर खरीद रखे हैं तो आईडीएफसी के शेयर खरीदें। यदि आपके पड़ोसी ने डॉ रेड्डी लेबोरेटरीज से पैसे बनाए हैं तो आप एलेंबिक फार्मा पर भरोसा कीजिए। पर कुछ कीजिए जरूर। यदि सूझबूझ से काम लिया जाए तो समय के अंतर को पाटा जा सकता है।

निवेश की प्रक्रिया में कई ऐसे पड़ाव आएंगे जब आप छल कपट के शिकार होंगे, निराशा व हताशा उत्साह पर भारी पड़ेंगे।

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