घर की मुर्गी दाल से अधिक लजीज है


सूचना विस्फोट के इस जमाने में सूचनाओं के जरिए पैसे कमाना आम बात है। जिसके पास सूचना पहले पहुंच जाए, वह उतना ही मालदार बन जाए। आमतौर पर आपने किसी सरकारी घोषणा से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होते देखा होगा। रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति की घोषणा के दिन भी आमतौर पर ऐसा ही होता है। कंपनियों के नतीजे यदि शानदार होते हैं तो उनके स्टॉक भी उसी हिसाब से एप्रेसिएट करते हैं। यदि आपको सरकारी घोषणा, आरबीआई की ब्याज दर नीति और कंपनी के तिमाही परिणाम घोषणा से पहले पता चल जाया करे तो? तो आपके वारे न्यारे हो जाएंगे? आमतौर से स्टॉक मार्केट टिप्स का बिजनेस करने वाले निवेशकों के इसी मनोदशा का फायदा उठाते हैं। कई ऐसी सूचनाएं हैं जो हमारे लिए आसानी से उपलब्ध हैं पर हम उनका इस्तेमाल करने की जगह उन सूचनाओं को पाने और खरीदने के चक्कर में रहते हैं जिनकी विश्वसनीयता को परखना मुश्किल होता है। कम से कम सूचनाओं के मामले में ही सही घर की मुर्गी को दाल बराबर तो मत ही आंकिए।

जरा सोचिए, रिकरिंग एकाउंट खोलने से पहले आपने कभी भी यह जानने की कोशिश की कि कौन सा बैंक रिकरिंग खाते पर सबसे अधिक ब्याज देता है और कौन सा बैंक ब्याज के साथ-साथ उस पर नि:शुल्क बीमा भी उपलब्ध कराता है। क्या बचत खाता खोलते वक्त आपने इस बात का पता लगाया कि किस बैंक में बचत खाता धारकों को दुर्घटना बीमा मुफ्त में दिया जाता है। आप हमेशा सोचते होंगे कि अमुक शेयर को इस कीमत पर बेचना है पर जिस दिन उस शेयर की कीमत आपके टार्गेट प्राइस के मुताबिक रहती है, उस दिन आप इतना व्यस्त रहते हैं कि मौका चूक जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि एक ब्रोकरेज हाउस ऐसा भी है जहां आप एक बार सेल आर्डर ऑनलाइन देकर छोड़ दें तो महीने भर तक वह आपके मनपसंद प्राइस का इंतजार करता रहेगा।  क्या आप जानते हैं कि एक हेल्थ बीमा पॉलिसी ऐसी भी है जो न केवल आपके सास ससुर को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराती है बल्कि आपकी बीमारी की दशा में आपके घर का खर्च भी वहन करती है। क्या ऐसी मकान बीमा पॉलिसी का नाम सुना है जिसमें लोन धारक के साथ किसी तरह का हादसा होने पर बीमा कंपनी न केवल होम लोन की बची हुई किश्तें अदा करती है बल्कि जितनी किश्तें होम लोन धारक चुका गया होता है उतनी रकम वह बीमा कंपनी लोन धारक के घरवालों को क्षतिपूर्ति के तौर पर दे देती है। यदि ऐसा होम लोन लेना चाहते हैं जिसका ईएमआई कभी न बढ़े तो किस बैंक का रुख करेंगे?

आप म्यूचुअल फंड में सिप तो करते ही होंगे। कभी आपका मन मचलता होगा कि कम एनएवी पर कुछ अधिक यूनिटें ले ली जाए और जब एनएवी ज्यादा हो तो यूनिटों की संख्या कम कर दी जाए। इसके लिए सिप की जगह क्या खरीदें? यदि आप उलझन में हैं कि जितनी रकम आपने सोच रखी है उतनी सिप के जरिए जमा हो पाएगी या नहीं, तो एक अभिनव प्रोडक्ट आ गया है बाजार में। यदि ज्वैलरी से परहेज है और सोने की ईंट अच्छी लगती है तो? कम पैसे से सोने की ईंट खरीदने का नुस्खा भी उपलब्ध है। कहने का मतलब यह है कि सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध सूचनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी कि गोपनीय सूचनाएं। कंपनियों के छमाही परिणाम को ही लीजिए। यदि विभिन्न ब्रोकिंग हाउस के पूर्वानुमानों पर गौर करेंगे तो आप बहुत हद तक रिजल्ट की जड़ तक पहुंच जाएंगे

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