अजब गजब खासखबर रोचक जानकारी

अंधविश्वास के चलते रेड सैंड बोआ स्नैक पहुंच गया विलुप्ति की कगार पर

सांप का नाम सुनते ही ज़मीन पर रेंगने वाले एक विषैले जीव की छवि नज़र आने लगती है और इसके विष के कारण ही लोग इससे दूरी बनाकर रहते है | मगर आज आपको सांप से जुडी ऐसी एक बात बताएँगे जिन्हें जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। सांप की कई प्रजाति होती है, जिनमे से एक रेड सैंड बोआ। यह सांप सुनहरे रंग का सुस्त रफ्तार वाला सांप होता है, मगर ब्लैक मार्किट में इस सांप की कीमत 2 से 3 करोड़ तक होती है। महंगी गाड़ियों से भी ज्यादा एक सांप की कीमत, विश्वास तो नहीं होता मगर ये सच है | इस सांप के बारे में जानने के लिए पढ़े हमारी पोस्ट करोड़ों में है रेड सेंड बोआ की कीमत इसके पीछे क्या कारण है चलिए इस बात को विस्तार से जानते है क्यों इतना महंगा है ये सांप : -

रेड सैंड बोआ के मांस को लेकर कई सारे अंधविश्वास

दरअसल रेड सैंड बोआ के मांस को खाने को लेकर कई मिथ हैं। खासकर चीन से लेकर गल्फ प्रदेशों वाला क्षेत्र में यह अंधविश्वास ज्यादा प्रभावी है। ऐसा माना जाता है कि इस सांप के मांस के सेवन से शरीर में ताकत बढती है, इतना ही नहीं सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाओ में भी इस प्रजाति के सांपों का इस्तेमाल होता है।

Red Sand Boa Snake: अंधविश्वास के चलते पहुंच गया विलुप्ति की कगार पर

आमतौर पर खेतों में पाया जाने वाला रेड सैंड बोआ काफी सुस्त सांप है

रेड सैंड बोआ का खाया जाता है मांस

खाड़ी प्रदेशो में रेड सैंड बोआ को लेकर मान्यता है कि कठिन से कठिन रोग भी इस सांप के सेवन से दूर हो जाता है और इतना ही नहीं इन्सान की उम्र भी नहीं ढलती । बात यही नहीं रुकती, एक मान्यता और जुडी है इन सांपो के साथ, दरअसल माना जाता है कि  कुछ विशेष तांत्रिक तरीके अपनाने के बाद जब इस प्रजाति के सांप का सेवन किया जाता है तो वो इन्सान अलौकिक शक्तियों का स्वामी बन जाता है। माना जाता है कि रेड सैंड बोआ की चमडी में इरिडियम नामक बहुमूल्य तत्व मौजूद होता है । जिससे एड्स जैसी बीमारी का इलाज़ भी संभव हो सकता है।

भारत में मानते हैं रेड सैंड बोआ को शुभ

अगर भारत की बात करें तो इस प्रजाति के सांप को भगवान कुबेर से सम्बंधित माना जाता है, चूँकि भगवान कुबेर धन के देवता है अत: इस सांप के दर्शनों को भारत में शुभ संकेत माना जाता है । हालाँकि भारत के कई क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल तांत्रिक विद्याओ में भी किया जाता है ।  इतना ही नहीं रेड सैंड बोआ की ब्लैक मार्केटिंग भी की जाती है, जिसमे इसकी कीमत वजन और आकर पर निर्भर करती है, अक्सर एक मोटी रकम कमाने के चक्कर में इनके अंदर स्टील की गोलियां भर देते हैं।

करोड़ों में है रेडसैंड बोआ की कीमत

तस्करी के लिए तस्कर अक्सर सपेरों से इस प्रजाति के सांप को मामूली दामों में खरीद कर चीन, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों व खाड़ी देशों में इनकी तस्करी करते है, जिसके लिए वो नेपाल के रास्ते को चुनते है | तस्कर 2 से 3 किलो तक वजन वाले  रेड सैंड बोआ को करीबन 3 से 5 करोड़ रुपए की कीमत में बेचते हैं । हालाँकि इनकी कीमत सामने वाले की जेब पर भी निर्भर करती है ।

विषैले नहीं होता रैडसैंड बोआ

एक विशेष बात आपको बता दे कि  रेड सैंड बोआ प्रजाति के सांप विषैले नहीं होता | अक्सर इस प्रजाति के सांप रात्रिचर होते है यानी कि वो रात के समय अपने बिल से बाहर आते हैं । खेतो में बिल बनाकर रहने वाले ये सांप चूहों का शिकार कर अपना पेट भरते हैं । यह काफी सुस्तीले सांप होते है अत: इनको पकड़ना बेहद आसान होता है ।

Red Sand Boa Snake: अंधविश्वास के चलते पहुंच गया विलुप्ति की कगार पर

अवैध तस्करी के कारण रैड सैंड बोआ पहुंच गया है विलुप्ति के कगार पर

विप्लुप्ति की कगार पर पहुंच गया है रेड सैंड बोआ

वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-4 में रेड सैंड बोआ को शामिल किया गया है, जिसके तहत इसका पालन, शिकार, इसे पकड़ना या इसकी तस्करी करना एक कानूनी अपराध है । तस्करी हेतु लगातार इसका शिकार हो रहा है, जिसके चलते सांपो की यह प्रजाति आज विलुप्त होने की कगार पर खडी है तथा सरकार भी इनके संरक्षण हेतु कोई विशेष कदम नहीं उठा रही है ।

कई लोगो ऐसे भी हैं जो इस गाँव वालो को इस सांप बचाने के नाम पर इसे पकड़ कर इसकी तस्करी करते हैं, चूँकि सांपो की इस प्रजाति में विष नहीं होता अत: इनसे मानव समाज को कोई खतरा नहीं है |

विज्ञान नहीं मानता रेंड सैंड से जुड़े किसी अंधविश्वास को

वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की बातों पर यदि गौर किया जाए तो पता चलता है कि रेड सैंड बोआ का सबसे अधिक शिकार इसके मांस के सेवन के प्रयोजन से किया जाता है | यूं तो विज्ञान इस बात की पुष्टि नहीं करता कि इस प्रजाति के सांप का मास खाने या इनसे बनी दवा के इस्तेमाल से कोई फायदा होता है, मगर एक अंधविश्वास के चलते इस सांप की प्रजाति के इस मासूम जीव को मारा जाता है, जिसके चलते आज ये विलुप्त होने की कगार पर है ।

गांधी को दूध पीने से रोक दिया था इस शख्स ने

एक जमाने में पूरे युरोप में इस लेखक के उपन्यास ब्लैक में बिकते थे

हिटलर जैसा तानाशाह भी इस आदमी को अपना गुरू मानता था

 

Read all Latest Post on अजब गजब weird stories in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: due to superstition red sand boa snack reached the brink of extinction in Hindi  | In Category: अजब गजब weird stories

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *