अजब गजब धर्म कर्म

गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ऐसे ऐसे नर्क, जानकर दहल जाएगा दिल

संसार के विभिन्न धर्मों में मान्यता है कि इंसान की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा आगे का सफर तय करती है, जहां उसके कर्मों के हिसाब से उसे फल प्राप्त होते हैं। सनातन धर्म में तो इस विषय पर पूरा एक पुराण है जिसका नाम है गुरुण पुराण। व्यक्ति जीवन काल में जिस भी तरह के पाप करता है उसे उसी तरह की यातनाएं दी जाती हैं। खुलासा डॉट इन में हम गरुण पुराण में वर्णित ऐसे ही कुछ सजाओं के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

सनातन धर्म में सदा से ही व्यक्ति को अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित किया जाता है, क्योंकि बहुत से पुराणों और धर्मग्रंथों में वर्णित है कि व्यक्ति जीवनभर जैसे कार्य करता है उसी के अनुरूप उसे फल प्राप्त होते हैं। हिंदू धर्म में गरुण पुराण की विशेष महत्ता है। माना जाता है कि गरुण पुराण में मनुष्यों के पापों के अनुसार अलग अलग प्रकार के दण्डों का  विस्तार पूर्वक वर्णन है। मनुष्य को उसके पाप कर्मों को उन्हीं के अनुसार मृत्युपराेंत सजा मिलती है।

हिंदू धर्म की अनेक कथाओं में स्वर्ग और नर्क वर्णन हुआ है, जिनके अनुसार जहां देवता रहते हैं तथा अच्छे कर्म करने वाले इन्सान मृत्यु के पश्चात रहते है, उस स्थान को स्वर्ग व इसके एकदम विपरीत बुरे कर्म करने वाले लोगों को नर्क की प्राप्ति होती है । ऐसे ही इस्लाम धर्म में जन्नत और दोजख का जिक्र किया जाता है। माना जाता है कि लोग को उसके कर्मों के हिसाब से दोजख या जन्नत नसीब होती है।

सनातन धर्म में 36 तरह के मुख्य नर्कों का वर्णन गरूड़ पुराण, अग्रिपुराण, कठोपनिषद जैसे पौराणिक ग्रंथों में पाया जाता है। कर्मों के अनुसार नर्क में सजा का प्रावधान पाया जाता है।

गुरुण पुराण में वर्णित है अलग अलग पापों की सजा 36 types of hell is described in garun puran

गुरुण पुराण के अनुसार पापियों को दंड देने का एक दृश्य

  • महावीचि - गाय की हत्या करने वाले लोगो को महावीचि नर्क में जगह मिलती है, यहाँ हर तरफ सिर्फ रक्त और लोहे के बड़े-बड़े कांटे होते हैं।
  • कुंभीपाक - जो लोग किसी की भूमि हड़पते हैं या ब्राह्मण की हत्या करते हैं, उन्हें कुंभीपाक नामक नर्क में जगह मिलती है जहाँ जमीन गरम बालू और अंगारों से भरी है।
  • रौरव - झूठी गवाही देने वाले लोगो को रौरव नामक नर्क में जगह मिलती है जहाँ पर लोहे के जलते हुए तीर से इन्हें बींधा जाता है।
  • मंजूष - दूसरों को निरपराध बंदी बनाने या कैद में रखने वाले लोगो को मंजूष नामक नर्क में जगह मिलती है जहाँ धरती लोहे सामान जल रही होती है ।
  • अप्रतिष्ठ - जो इन्सान ब्राह्मणों को पीड़ा देते या सताते हैं उन्हें अप्रतिष्ठ नामक नर्क में जगह मिलती है, जो कि पीब, मूत्र और उल्टी से भरा हुआ होता है ।
  • विलेपक- ऐसे ब्राह्मण जो मदिरापान (Drinking ) करते है उन्हें विलेपक नाम के नर्क का भोगी बनना पड़ता है, जो कि हमेशा लाख की आग से जलता रहता है |
  • महाप्रभ-महाप्रभ नामक नर्क में एक बहुत बड़ा लोहे का नुकीला तीर है, जिसमे पाप करने वाले को पिरोया जाता है । इस नरक के भोगी ऐसे लोग होते है जो पति-पत्नी में फूट डालते हैं या उनका रिश्ता तुड़वाते है।
  • जयंती- ऐसे लोग जो पराई औरतों के साथ संभोग करते हैं उन्हें जयंती नामक नरक में लोहे की बड़ी चट्टान के नीचे दबाकर सजा दी जाती है।
  • शाल्मलि- कई पुरुषों से संभोग करने वाली स्त्री, हमेशा झूठ व कड़वा बोलने वाले व्यक्ति, दूसरों के धन और स्त्री पर बुरी नजर रखने वाले, पुत्रवधू, पुत्री, बहन आदि से शारीरिक संबंध बनाने वाले पुरुष तथा वृद्ध की हत्या करने वाले इन्सान को शाल्मलि नामक नरक को भुगतना पड़ता है, जो हमेशा जलते हुए कांटों से भरा नर्क होता है।

 

गुरुण पुराण में वर्णित है अलग अलग पापों की सजा 36 types of hell is described in garun puran

गरुण पुराण में पाप कर्म करने वालों के लिए 36 प्रकार के नर्कों का विस्तार से वर्णन है

  • महारौरव- भट्टीनुमा इस नर्क में ऐसे लोगो को सजा मिलती है जो दूसरों के घर, खेत, खलिहान या गोदाम में आग लगाते हैं ।
  • तामिस्र- चोरो को तामिस्र नामक नर्क में लोहे की पट्टियों और मुग्दरों से पिटाई की जाती है।
  • महातामिस्र- माता, पिता और मित्र की हत्या करने वाले इंसान को रक्त (Blood) पीने वाली जौंको से भरे नरक में सजा भुगतनी पड़ती है |
  • असिपत्रवन-जो इंसान अपने मित्र को धोखा देता है उसे एक जंगल की तरह दिखने वाले असिपत्रवन नर्क भोगना पड़ता है | इस जंगल के पेड़ों पर पत्तों की जगह तीखी तलवारें और खड्ग होते है |
  • करम्भ बालुका-दुसरे जीवो को जलाने वाले इंसान को करम्भ बालुका नरक में भेजा जाता है जो कि गर्म बालू रेत और अंगारे भरे हुए एक कुएं की तरह होता हैं।
  • काकोल- छुप-छुप कर अकेले ही मिठाई खाने वाले इंसान को इस नर्क में लाया जाता हैं, जो कि पीब और कीड़ों से भरा नर्क होता है।
  • कुड्मल- ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, भूतयज्ञ, पितृयज्ञ तथा मनुष्य यज्ञ, दैनिक जीवन में इन पंचयज्ञों का अनुष्ठान न करने वाले को कुड्मल नर्क भोगना पड़ता है |
  • महाभीम- बदबूदार मांस और रक्त से भरे महाभीम नामक नरक में उस इन्सान को भेजा जाता है जो शास्त्रों में निषेध आहार का सेवन करते है |
  • महावट- लड़कियों को बेचने वाले इन्सान को मुर्दे और कीड़ो से भरे महावट नर्क में जाना पड़ता हैं|

 

गुरुण पुराण में वर्णित है अलग अलग पापों की सजा 36 types of hell is described in garun puran

गरुण पुराण में वर्णित नर्क का एक दृश्य

  • तिलपाक- दूसरों को सताने, पीड़ा देने वाले लोगों को तिलपाक नामक नरक में तिल की तरह पेरा जाता है यानि कि इस नरक में जैसे तिल का तेल निकाला जाता है, ठीक उसी तरह से इंसान को सजा दी जाती है ।
  • तैलपाक- मित्रों या शरणागतों की हत्या करने वाले इन्सान को तैलपाक नर्क में खौलते हुये तेल में तला जाता हैं।
  • वज्रकपाट- दूध बेचने का व्यवसाय करने वाले लोगो को वज्रों की पूरी श्रंखला से बने वज्रकपाट नामक नरक में प्रताड़ित (Oppressed )किया जाता है |
  • निरुच्छवास- जो लोग दिये जा रहे दान में विघ्न डालते हैं, उन्हें वायुरहित अंधेरामय निरुच्छवास नामक नर्क में जगह मिलती है ।
  • अंगारोपच्य- दान देने का वादा करके मुकर जाने वाले इंसान को अंगारों से भरे अंगारोपच्य नर्क में जलाया जाता हैं।
  • महापायी- हमेशा असत्य बोलने वाले व्यक्ति को हर तरह की गंदगी से भरे महापायी नरक में औंधे मुंह गिराया जाता हैं।
  • महाज्वाल - हमेशा पाप में लिप्त रहने वाले लोगो को हर तरफ आग वाले महाज्वाल नरक में जलाया जाता हैं।
  • गुड़पाक- गुड़पाक नामक नरक में जो लोग समाज में वर्ण संकरता फैलाते हैं, उन्हें स्थान दिया जाता है | इस नर्क में चारों ओर गरम गुड़ के कुंड होते है जिनमे दोषी को पकाया जाता हैं।
  • क्रकच- शास्त्रों में निषेध (Inhibition) मानी गयी स्त्रियों के साथ संभोग करने वाले पुरुष को क्रकच नामक नर्क में भेजा जाता है जहाँ तेज धार वाले आरो से दोषी को चीरा जाता हैं।
  • क्षुरधार - ब्राह्मणों की भूमि हड़पने वाले को तीखे उस्तरों से काटा जाता हैं।
  • अम्बरीष- सोने की चोरी करने वाले इन्सान को प्रलय समान जलती हुयी आग में अम्बरीष नामक नर्क में जलाया जाता है।
  • वज्रकुठार- वज्रों से भरे इस नर्क में पेड़ काटने वाले इंसान को लंबे समय तक वज्रों से पीटा जाता हैं।
  • परिताप- दूसरों को जहर देने तथा मधु (Honey) की चोरी करने वाले प्राणी को आग से भरे इस नर्क में जलाया जाता हैं।
  • काल सूत्र- वज्र के समान सूत से बने काल सूत्र नर्क में दूसरों की खेती नष्ट करने वाले इन्सान को सजा दी जाती हैं।
  • कश्मल- मांसाहार (Meat sauce ) में अत्याधिक रुचि रखने वाले इंसान को नाक और मुंह की गंदगी से भरे कश्मल नरक में गिराया जाता हैं।
  • उग्रगंध- लार, मूत्र, विष्ठा (Flux) और अन्य गंदगियों से भरे नर्क में पितरों का पिंडदान न करने वाले को लाया जाता हैं।
  • दुर्धर- सूदखोर और ब्याज का धंधा करने वाले प्राणी को जौक और बिच्छुओं से भरे नर्क में भेजा जाता हैं।
  • वज्रमहापीड- वज्रमहापीड नामक नरक में लोहे के भारी वज्र से सोने की चोरी, किसी प्राणी की हत्या कर उसे खाने वाले, दूसरों के आसन, शय्या और वस्त्र चुराने, जो दूसरों के फल तथा धर्म को न मानने वाले लोगो को मारा जाता है |

 

 

Read all Latest Post on अजब गजब weird stories in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: 36 types of hell is described in garuna purana in Hindi  | In Category: अजब गजब weird stories

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *